योगी सरकार ने निरस्त किए बेसिक शिक्षा विभाग के तीन अधिनियम, जानिए क्यों?

 कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) के तीन निष्प्रयोज्य अधिनियमों को निरस्त करने का फैसला किया है. 

योगी सरकार ने निरस्त किए बेसिक शिक्षा विभाग के तीन अधिनियम, जानिए क्यों?

लखनऊ: कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) के तीन निष्प्रयोज्य अधिनियमों को निरस्त करने का फैसला किया है. इनमें उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा अधिनियम-1919, संयुक्त प्रांत प्राथमिक शिक्षा अधिनियम-1919 और संयुक्त प्रांत जिला परिषद प्राथमिक शिक्षा अधिनियम-1926 शामिल हैं. उप्र बेसिक शिक्षा अधिनियम-1972 के लागू होने के बाद यह तीनों विधेयक प्रचलन में नहीं हैं.

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योगी सरकार संशोधन कर, देगी अधिनियम की शक्ल
इसके अलावा राज्य सरकार (State Government) की सेवाओं के कार्मिकों की रिटायरमेंट साल 2001 में 58 से बढ़ाकर 60 साल करने के लिए बनाये गए उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल 56 में संशोधन करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार इसे अधिनियम की शक्ल देने जा रही है. 

कैबिनेट बाइसर्कुलेशन को मंजूरी 
इसके लिए यूपी फंडामेंटल रूल 56 (अमेंडमेंट एंड वैलिडेशन) एक्ट, 2021 के ड्राफ्ट को गुरुवार को कैबिनेट बाइसर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई. सरकार विधानमंडल के बजट सत्र में यह विधेयक ला सकती है. इससे सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने से जुड़े मुकदमों में सरकार को राहत मिलेगी.

किया गया था नियमावली में संशोधन
राज्य की सेवाओं के कार्मिकों को अधिवर्षता उम्र साल 2001 में 58 से 60 वर्ष करने के लिए सरकार ने कार्यकारी आदेश जारी किया था. इसके लिए नियमावली में संशोधन बाद में किया गया. कोर्ट ने इस पर आपत्ति की थी कि नियमावली बैकडेट से नहीं बनाई जा सकती है. इसलिए सरकार ने अब नियमावली में संशोधन कर इसे अधिनियम का स्वरूप देने की तैयारी की है ताकि इसके तहत की गईं कार्रवाई को कानूनी जामा पहनाया जा सके.

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