close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

UP: विशेष सत्र से विपक्ष के बहिष्कार में 'बगावत', कांग्रेस की अदिति बोलीं, 'मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं'

Aditi Singh: अदिति सिंह ने कहा, 'अगर हम महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें उनके रास्ते पर चलना होगा, यह तभी हो सकता है जब देश विकसित हो.'

UP: विशेष सत्र से विपक्ष के बहिष्कार में 'बगावत', कांग्रेस की अदिति बोलीं, 'मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं'
अदिति सिंह रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक हैं.

लखनऊ: महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती पर बुधवार (02 अक्टूबर) को उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विशेष सत्र शुरू हुआ, जो गुरुवार (03 अक्टूबर) रात 11 बजे तक चलेगा. ये पहला मौका है जब सदन की कार्यवाही इतने लंबे समय तक चलेगी. हालांकि, विपक्षी दलों ने इस सत्र का बहिष्कार किया है. लेकिन सभी विपक्षी दलों के कुछ सदस्य इस सत्र में शिरकत कर रहे हैं. कांग्रेस के सत्र के बहिष्कार (Boycott) के बाद भी रायबरेली (Rae bareli) सदर से कांग्रेस (Congress) विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) ने महात्मा गांधी  की 150वीं जयंती पर बुलाए गए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया. 

 

 

कांग्रेस नेता अदिति से विपक्षी पार्टी के बहिष्कार के बाद भी सदन में आने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह सदन में आईं और चर्चा में हिस्सा लिया क्योंकि उन्हें ऐसा करना सही लगा. अगर हम महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें उनके रास्ते पर चलना होगा, यह तभी हो सकता है जब देश विकसित हो. 

 

उन्होंने कहा कि अगर आपने मेरा भाषण सुना होगा तो मैंने सिर्फ विकास और सतत विकास लक्ष्य के बारे में चर्चा की. मैं अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए राजनीति करती हूं. मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं. जब उनसे पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की. यह मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है.

इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि, अक्सर विपक्ष इस बात पर चर्चा करता था कि हम पार्टी लाइन से हट कर अपनी बात रख सकें. आज उसको मौका दिया गया है तो विपक्ष इसका बहिष्कार कर रहा है. ये गरीबों, सदन और बापू का अपमान है.

लाइव टीवी देखें

आपको बता दें कि सदन की 36 घंटे से अधिक कार्यवाही चलने के लिए तीन अलग-अलग शिफ्ट में एमएलए और एलएलसी के ग्रुप बनाए गए हैं. अपनी बात रखने के लिए कैबिनेट मंत्रियों को 15-15 मिनट, जबकि राज्यमंत्रियों को 10-10 मिनट का समय मिल रहा है. विधानसभा के सदस्यों के लिए चार-चार मिनट का समय निर्धारित है. रात में भी लगातार सदन चलते रहने को लेकर विधानभवन में ही सदस्यों के भोजन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किया गया था.