close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

निजी अस्पताल की मनमानी : मरीज को लगाया लो क्वालिटी का इंजेक्शन, गई जान

अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज को हाई पावर का इंजेक्शन लगना था, जिसकी कीमत लगभग 1400 रुपये थी. लेकिन डॉक्टरों ने मरीज को बेहद लो क्वालिटी का इंजेक्शन लाया, जिससे उसकी मौत हो गई. 

निजी अस्पताल की मनमानी : मरीज को लगाया लो क्वालिटी का इंजेक्शन, गई जान

लखनऊ: राजधानी में लगातार प्राइवेट अस्पतालों की धन उगाही और लापरवाही से आमलोगों को जूझना पड़ रहा है. डॉक्टरों की लापरवाही से लगातार मरीजों की मौत हो रही है, लेकिन स्वास्थ विभाग इन प्राइवेट हॉस्पिटलों पर लगाम लगाने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में आलमबाग क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत का मामला सामने आया है.

गलत इंजेक्शन के कारण गई मरीज की जान!
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीज को हाई पावर का इंजेक्शन लगना था, जिसकी कीमत लगभग 1400 रुपये थी. लेकिन डॉक्टरों ने मरीज को बेहद लो क्वालिटी का इंजेक्शन लाया, जिससे उसकी मौत हो गई. मरीज की मौत के बाद अस्पताल में मौजूद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया. 

क्या है पूरा मामला
आलमबाग थाना क्षेत्र स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल का है जहां हरवंश कुमार पाण्डेय ने अपनी माता जी को कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया. जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए आईसीयू में भर्ती करने को कहा जब उनकी माता आईसीयू में भर्ती हो गई. अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को एक बार भी मरीज से मिलने नहीं दिया और फिर उसकी मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज के लिए लगभग 5 से 6 लाख रुपये की फीस ली. हालांकि परिजनों ने उनकी मौत को साधारण मान लिया. 

मृतिका की डॉक्टर नाती ने आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्पिटल के परिक्रिप्शन में जो हाई डोज़ इंजेक्शन लिखा गया था.
मृतिका की डॉक्टर नाती ने आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्पिटल के परिक्रिप्शन में जो हाई डोज़ इंजेक्शन लिखा गया था.

लेकिन जब कुछ वक्त बात जब हरवंश कुमार पाण्डेय के पिता की तबीयत बिगड़ी और उन्हें दोबारा उसी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने एक बार फिर हालत गंभीर बता कर आईसीयू में भर्ती करने को कहा और लम्बी चौड़ी दवा लिख दी. इस बार हरवंश डॉक्टर भांजी भी उनके साथ थी जब उसने डॉक्टरों की लिखी दवा देखी तो चौक गई. लिखे हुए पर्चे में इंजेक्शन हाई डोज़ था लेकिन जो इंजेक्शन लगाया जा रहा था वह लो क्वालिटी का घटिया इंजेक्शन था.  जिससे उनके मरीज की हालत बिगड़ी और मौत हो गई. 

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
वहीं मृतिका की डॉक्टर नाती ने आरोप लगाते हुए कहा कि हॉस्पिटल के परिक्रिप्शन में जो हाई डोज़ इंजेक्शन लिखा गया था. डॉक्टरों ने उन्हें न देकर कर घटिया इंजेक्शन मरीज़ को लगाया और हंगामा शुरू कर दिया. अस्पताल में हंगामे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंती पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.