मायावती ने पार्टी में बगावत से किया इनकार, बोलीं-सपा का चरित्र और चेहरा हमेशा ही दलित विरोधी

सपा में अगर इन निलम्बित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं.

मायावती ने पार्टी में बगावत से किया इनकार, बोलीं-सपा का चरित्र और चेहरा हमेशा ही दलित विरोधी
बीएसपी चीफ मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर जोरदार हमला बोला है. बसपा चीफ मायावती ने बुधवार को लगातार पांच ट्वीट कर सपा (SP) को आड़े हाथ लेते हुए कड़ी चेतावनी भी दी.

बीएसपी सुप्रीमो ने पार्टी में टूट को नकारते हुए कहा कि घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी मीडिया के सहारे यह प्रचारित कर रही है कि बहुजन समाज पार्टी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं.

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मायावती ने इसे घोर छलावा बताते हुए कहा कि इन विधायको को काफी पहले ही सपा और एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलंबित किया जा चुका है.

मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि-

घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बीएसपी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं घोर छलावा है.

उन्होंने आगे लिखा- जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आराप में बीएसपी से निलम्बित किया जा चुका है.

सपा में अगर इन निलम्बित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं.

जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं. इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बन्द किया व खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निन्दनीय.

वैसे बीएसपी के निलम्बित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है. यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा.

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निलंबित 6 विधायकों ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में सिर्फ 8 महीने का वक्त बचा है उससे पहले बहुजन समाज पार्टी में बड़ी टूट होती दिख रही है. बसपा से 9 निलंबित और 2 बर्खास्त विधायक एकजुट हो गए हैं और अलग दल बनाने की खबर सामने आई. निलंबित 6 विधायकों ने 15 जून को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की. सपा अध्यक्ष से मुलाकात करने वाले बसपा के बागियों में असलम राईनी, असलम अली, मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल, सुषमा पटेल और हरगोविंद भार्गव शामिल थे.

बीएसपी के 18 विधायकों में 9 निलंबित और 2 निष्कासित 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा के 18 विधायक जीते थे. उनमें से 9 को बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निलंबित कर दिया है और 2 को निष्कासित. एक चर्चा यह चल रही है कि बसपा के सभी बागी विधायक सपा में शामिल होंगे और आगामी विधानसभा चुनाव साइकिल के बैनर तले लड़ेंगे. अखिलेश से उनकी मुलाकात इसी बात की ओर इशारा भी करती है.

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