खर्च में कटौती के लिए CM योगी का फैसला: नो बिजनेस क्लास ट्रैवल, नए वाहनों की खरीद पर रोक

बजट प्रबंधन के आदेश में कहा गया है कि ज्यादातर विभागों की कोशिश यह होनी चाहिए कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की जाएं. जो अधिकारी हवाई यात्रा के लिए अधिकृत हैं, वह इकोनामी क्लास में ही यात्रा करेंगे. 

खर्च में कटौती के लिए CM योगी का फैसला: नो बिजनेस क्लास ट्रैवल, नए वाहनों की खरीद पर रोक
सीएम योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अफसर अब सरकारी खर्चें पर एग्जीक्यूटिव और बिजनस क्लास में हवाई यात्रा नहीं कर सकेंगे.उन्हें केवल इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा करने के लिए कहा गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बजट प्रबंधन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसी कड़ी में शासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अधिकारियों की एग्जीक्यूटिव और बिजनेस क्लास की हवाई यात्राओं पर रोक लगा दी है.  

बजट प्रबंधन के आदेश में कहा गया है कि ज्यादातर विभागों की कोशिश यह होनी चाहिए कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की जाएं. जो अधिकारी हवाई यात्रा के लिए अधिकृत हैं, वह इकोनामी क्लास में ही यात्रा करेंगे. वर्तमान वित्तीय वर्ष में एक्सक्यूटिव, बिजनेस क्लास में यात्रा पूरी तरह से प्रतिबंधित रखी जाएगी. इस आदेश की कॉपी सभी विभागीय प्रमुखों को भेज दी गई है.

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खर्च में कटौती के दिशा-निर्देश
सीएम योगी द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश के मुताबिक प्रदेश सरकार ने 2021-22 के लिए कार्यालय खर्च, यात्रा खर्च, स्थानांतरण यात्रा व्यय, अवकाश यात्रा सुविधाएं, स्टेशनरी की खरीद, मुद्रण एवं प्रकाशन में विभागों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है. वर्तमान में विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागों को उक्त मदों में खर्च में कटौती करने को कहा गया है.

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नए वाहन की खरीद पर भी लगा रोक 
इसके अलावा नए वाहन खरीदने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. कोई भी विभाग नए वाहन की खरीद नहीं कर सकेंगे. आवश्यकता के अनुसार आउटसोर्सिंग के माध्यम से वाहन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है. सरकारी वाहनों के रखरखाव और ईंधन पर होने वाले खर्च पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. कहा गया है कि हर स्तर पर इसकी निगरानी की जाए ताकि वाहनों के रखरखाव पर होने वाले खर्च और ईंधन का दुरुपयोग न होने पाए. गौरतलब है कि योगी सरकार ने यह कदम केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के स्तर से वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में बजट आवंटन को सीमित किए जाने के बाद उठाया है. 

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