आयकर विभाग ने PFI के चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन का दर्जा खत्म किया, कड़े एक्शन लेने में मिलेगी मदद

पीएफआई के ऊपर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अन्य जिलों में सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप भी लगे. 

आयकर विभाग ने PFI के चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन का दर्जा खत्म किया, कड़े एक्शन लेने में मिलेगी मदद
आयकर विभाग ने इस्लामिक संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को दी गई कर छूट को वापस ले लिया है.

लखनऊ: आयकर विभाग ने इस्लामिक संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को दी गई कर छूट को वापस ले लिया है. विभाग ने पाया कि पीएफआई की गतिविधियां कानूनी रूप से अधिसूचित परमार्थ संगठनों (Charitable Organizations) की तरह नहीं हैं. इस संगठन की गतिविधियां सही नहीं हैं.

आयकर विभाग ने हाल में पीएफआई को आयकर कानून, 1961 की धारा 12एए (3) के तहत दिए गए पंजीकरण को रद्द कर दिया था. पीएफआई को यह पंजीकरण अगस्त, 2012 में मिला था. जारी आदेश में कहा गया है कि पीएफआई को दिया गया कर लाभ आकलन वर्ष 2016-17 से रद्द किया जा रहा है/वापस लिया जा रहा है.

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इस आदेश का मतलब है कि पीएफआई को अब आयकर देना होगा. साथ ही पीएफआई को दान देने वालों को भी कर में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी. पीएफआई इस आदेश को विभाग के उच्च प्राधिकरणों और बाद में अदालतों में चुनौती दे सकता है.

आपको बता दें कि यूपी के पूर्व डीजीपी ओपी सिंह ने पीएफआई की संदिग्ध गतिविधियों को देखने के बाद इसे प्रतिबंधित करने के लिए योगी सरकार को प्रस्ताव भेजा था. योगी सरकार ने सहमति जताते हुए प्रस्ताव को केंद्र को भेजा था. पीएफआई के ऊपर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और अन्य जिलों में सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप भी लगे. 

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कानपुर और लखनऊ से पीएफआई के कई नेता गिरफ्तार भी हुए थे. इसके अलावा यूपी एटीएस ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले रोहिंग्याओं को बांग्लादेश के रास्ते भारत लाने और फिर राज्य में उन्हें बसाने, आर्थिक मदद देने में भी पीएफआई की संदिग्ध भूमिका उजागर की है. हाथरस केस में भी उत्तर प्रदेश में जातीय दंगा भड़काने की साजिश रचने का आरोप पीएफआई पर लगा है.

उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के मुताबिक आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद पुलिस को भी पीएफआई के खिलाफ आर्थिक मामलों में एक्शन लेने में मदद मिलेगी. अभी तक काफी हल्की धाराओं में केस दर्ज होते थे. अब पीएफर्आ इनकम टैक्स की नजर में परमार्थ संगठन नहीं रहा. यूपी पुलिस के सामने पीएफआई से जुड़ा कोई मामला आता है तो वह कड़ी कार्रवाई कर सकती है.

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पीएफआई की स्थापना 2006 में केरल में हुई थी. इसका मुख्यालय दिल्ली में है. विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों के साथ केंद्रीय एजेंसियां मसलन प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पीएफआई की जांच कर रही है. पीएफआई के सदस्यों पर मनी लॉन्ड्रिंग के अलावा आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल होने का आरोप है.

आयकर विभाग ने आयकर कानून की धारा 12एए के साथ ही 12ए और धारा 80 जी के तहत पीएफआई का परमार्थ संगठन का दर्जा वापस ले लिया है. धारा 12ए/12एए किसी परमार्थ संगठन या धर्मार्थ न्यास या संगठन को कर छूट दिये जाने से संबंधित है. वहीं धारा 80 जी के तहत परमार्थ या धर्मार्थ संस्थानों को दान करने वाले व्यक्तियों को मिलने वाली आयकर छूट से संबंधित है.

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