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UP Outsource Sewa Nigam 2026: उत्तर प्रदेश में युवाओं, आउटसोर्स कर्मचारियों और नए उद्यमियों के लिए अवसरों का एक नया दौर शुरू हुआ है. राज्य सरकार ने रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है. इन घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे को पारदर्शी बनाना और युवाओं को आत्मनिर्भर होने के अवसर देना है.
आउटसोर्स कर्मियों को राहत और सुरक्षा
राज्य के लगभग 5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उनके मानदेय में लगभग 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की घोषणा की गई है. इसके साथ ही इन कर्मचारियों को दुर्घटना सुरक्षा बीमा और स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन का निर्णय लिया गया है। इस कदम से स्वास्थ्य, नगर निकाय और परिवहन जैसे विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा.
सरकारी नौकरियां और निष्पक्ष भर्ती
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आने वाले छह महीने बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं. राज्य सरकार अगले छह महीनों के भीतर 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त करने जा रही है. इस पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हर योग्य और प्रतिभावान उम्मीदवार को उसका हक बिना किसी भेदभाव के मिल सके.
डिजिटल सशक्तिकरण और अभ्युदय योजना
विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत 25 लाख टैबलेट बांटे जा रहे हैं. इसके साथ ही 50 हजार योग्य छात्राओं को स्कूटी वितरित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अब हर जिले के प्रमुख कॉलेजों में 'मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग' की शुरुआत की जा रही है. छात्रवृत्ति और रोजगार से जुड़ी सभी सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है.
स्टार्टअप और नई सोच को प्रोत्साहन
युवाओं के नए विचारों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के हर जिले में 'यूथ इनक्यूबेशन सेंटर' स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा राज्य युवा आयोग के गठन की दिशा में भी तेज़ी से काम चल रहा है. स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देने के लिए यूपी स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है. युवाओं की सहूलियत के लिए यूपी स्टार्टअप मिशन पोर्टल भी लॉन्च किया गया है.
स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता का रास्ता
राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 10 लाख नए उद्यमी तैयार करना है. इसका सीधा मतलब है कि हर साल लगभग 1 लाख युवाओं को अपने पैर पर खड़े होने और दूसरों को रोजगार देने के काबिल बनाया जाएगा.