सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था स्थापित करने का काम किया. यूपी में माफिया राज खत्म हुआ. पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, अनिल दुजाना से लेकर हरिशंकर तिवारी तक माफियाराज खत्म करके यूपी को कारोबार-निवेश के अनुकूल बनाने में सीएम योगी को ख्याति मिली.
प्रदेश की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया. 22 मार्च 2017 से 5 फरवरी 2025 तक 1,08,85,450 स्थानों पर 4,00,58,562 व्यक्तियों को चेक किया गया है. वहीं, अभियान के दौरान 24,009 अभियोग दर्ज करते हुए 32,291 व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की गई. 1,47,04,311 व्यक्तियों को चेतावनी देकर छोड़ा गया.
योगी सरकार ने इन 8 वर्षों में प्रदेश में एक्सप्रेसवे और राजमार्गों का जाल बिछाया. नई सड़क परियोजनाएं राज्य के विकास के लिए पहचान बन चुकी है. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे एक्सप्रेसवे की शुरुआत हुई. आज यूपी में 6 एक्सप्रेसवे संचालित हैं और 11 पर काम चल रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद देश के 55 फीसदी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में होंगे.
सबसे बड़ा रेल नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है. सर्वाधिक मेट्रो संचालन यूपी में हो रहा है. देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच और पहला वॉटरवे हल्दिया-वाराणसी के बीच शुरू हुआ. वाराणसी से प्रयागराज और बलिया से अयोध्या तक वॉटरवे की सुविधा बढ़ाई जा रही है. हर जनपद मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है.
2017 में उत्तर प्रदेश में मात्र दो एयरपोर्ट क्रियाशील थे. आज 16 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 4 इंटरनेशनल हैं. जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जल्द शुरू होगा.
इसके अलावा प्रदेश में निवेश के लिए एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरुआत की. इससे प्रदेश में छोटे मझोले उद्योग को बढ़ावा मिला. साथ ही UP Investors Summit’ जैसे आयोजन की शुरुआत की.
योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, उज्जवला योजना और समाजवादी पेंशन योजना की शुरुआत की. साल 1947 से 2017 तक पुलिस बल में केवल 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, हाल की भर्ती में 12,000 और अब तक 25,000 से अधिक महिलाओं को पुलिस बल में शामिल किया गया.
मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुईं. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत 22.11 लाख बेटियों को जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये की सहायता दी गई. 57,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी बैंकिंग सुविधा दे रही हैं. एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वावलंबी बनी हैं.
सामूहिक विवाह योजना में 4.76 लाख विवाह संपन्न हुए. अब इसकी राशि 51,000 से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने की घोषणा की गई. स्वामित्व योजना में एक करोड़ महिलाओं को मालिकाना हक दिया गया. कामकाजी महिलाओं के लिए अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर छह शहरों में हॉस्टल बनाए जा रहे हैं.
योगी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में कई अवसर लेकर आई. यूपी पुलिस भर्ती के जरिए 60,244 युवाओं को रोजगार देने की पहल की. इसके अलावा, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को बिना ब्याज पर ऋण दिया गया.
साल 2016-17 में बेरोजगारी दर 19 फीसदी थी, जो आज घटकर 3 फीसदी रह गई है. बीते आठ वर्षों में 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं. एमएसएमई सेक्टर में 2 करोड़ से अधिक युवा स्वरोजगार से जुड़े. 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देकर डिजिटल सक्षम बनाया गया.
96 लाख एमएसएमई यूनिट्स के साथ उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी स्कीम के तहत 31 मार्च तक 1 लाख नए युवा उद्यमी बनाने का लक्ष्य है. इसमें 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त और गारंटी मुक्त लोन दिया जा रहा है. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हस्तशिल्पियों को स्किल डेवलपमेंट और टूलकिट्स दी गईं.
योगी सरकार ने हाल ही में प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का शानदार आयोजन किया. महाकुंभ में 60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में स्नान कर रिकॉर्ड बनाया. 144 साल बाद त्रिवेणी संगम किनारे सबसे बड़ा सफल आयोजन संपन्न हुआ.
योगी सरकार के 8 साल में कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं. 2017 में पहली कैबिनेट में ही 36,000 करोड़ रुपये की लागत से लघु और सीमांत किसानों की कर्ज माफी की गई. इसके परिणामस्वरूप 2016-17 में 557 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन करने वाला उत्तर प्रदेश 2023-24 में 668 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन तक पहुंच गया, जो 20% की वृद्धि दर्शाता है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.61 करोड़ से अधिक किसानों को 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डीबीटी के जरिए दी गई. 40 वर्षों से लंबित अर्जुन सहायक, बाणसागर और सरयू नहर जैसी परियोजनाओं को पूरा कर 23,000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा दी गई. कृषि विज्ञान केंद्र, नया ऋषि विश्वविद्यालय और टेक्नोलॉजी के उपयोग से धान, गेहूं, दलहन और श्री अन्न में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर पहुंच गया.
साल 2008-09 से 2017 तक गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये बकाया था. योगी सरकार ने एक भी चीनी मिल बंद नहीं होने दी. साथ ही तीन नई चीनी मिलें स्थापित कीं, छह का पुनः संचालन किया और 38 का विस्तार किया.
2017 से अब तक 2.80 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया, जो पिछली सरकारों के 22 वर्षों के भुगतान से 60,000 करोड़ रुपये अधिक है. एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 177 करोड़ लीटर तक पहुंच गया.
साल 2017 से 2023 तक गेहूं क्रय में ढाई गुना ज्यादा की गई. 43 हजार 424 करोड़ रु भुगतान किया गया. धान के क्रय में 88 हजार करोड़ 746 करोड़ डीबीटी के माध्यम से दिया गया. सरकार ने 32 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बाढ़ से बचाने का कार्य किया गया.
प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए 7700 से अधिक गो आश्रय स्थल में 12 लाख 50 हजार से अधिक गोवंश का संरक्षण सरकार स्वयं कर रही है. साथ ही सहभागिता योजना के माध्यम से 1 लाख 5 हजार पशुपालकों को 1 लाख 63 हजार गोवंश उनकी सुपुर्दगी में दिया गया है. इसके लिए सरकार 1500 रु प्रति गोवंश,प्रति माह का भुगतान कर रही है.
यूपी के 14,21,75,040 ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल का सीधा लाभ मिल रहा. यूपी में 2019 से पहले नल कनेक्शन का औसत 1.97% प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 88.61% हो चुका है. नल कनेक्शन देने के मामले में यूपी देश में नम्बर 1 बना है.
यूपी में प्रत्येक दिन लगभग 40 हज़ार नए ग्रामीणों को नल कनेक्शन दिया गया. 7 शहरों (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा) में जल जीवन मिशन की योजनाओं पर काम चल रहा. बुंदेलखंड में 42 परियोजनाएं संचालित. बुंदेलखंड के जिलों में बेतवा, यमुना और सोन नदियों का जल स्त्रोत के रूप में उपयोग हो रहा.
साल 2017 के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया गया है. प्रदेश की योगी सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनवा रही है. एक समय में यूपी में सिर्फ 18 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन आज राज्य में 64 जिलों में कम से कम एक संस्थान स्थापित किया जा चुका है. बाकी के बचे हुए जिलों में भी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इसके लिए सरकार नई नीति लाएगी. 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' का लक्ष्य है.