UP Rain Alert: अगर आप घर से बाहर निकलने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको पहले मौसम अपडेट जरूर देख लेना चाहिए. जानिए आपके शहर में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और कब एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होगा?
1/8UP Weather Update: सितंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर दस्तक दे चुका है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 सितंबर को राज्य के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियों का असर रहेगा. पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है, वहीं पश्चिमी यूपी के इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है.
2/8बुधवार को उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक दक्षिणी और पूर्वी यूपी में बारिश का जोर बना रहेगा, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगेंगी.
3/8बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश का येलो अलर्ट किया गया है.
जिन दर्जनों जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है, उनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं.
बारिश के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट आ सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और छोटे नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है.
6/8मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. पूर्वांचल में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है.
7/8क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों ने अगस्त में मानसून को लगातार सक्रिय रखा. प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश हुई. इससे पहले 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश हुई थी.
8/8वज्रपात की आशंका को देखते हुए बारिश के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. किसानों से अपील है कि फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें. फिलहाल उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें.