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राज्यसभा चुनाव में गलत वोट डालने वाले RLD विधायक को पार्टी से निकाला

लोकदल के विधायक सहेंद्र सिंह चौहान ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धोखे में रखा एवं पार्टी के निर्देश के खिलाफ कार्य किया. विधायक ने भाजपा के साथ सांठगांठ कर षडयंत्र के तहत मतदान किया.

राज्यसभा चुनाव में गलत वोट डालने वाले RLD विधायक को पार्टी से निकाला

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के विधायक का मत अवैध घोषित किए जाने पर आज पार्टी अध्यक्ष अजीत सिंह ने उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया. राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में वोट देने का फैसला लिया था. पार्टी के विधायक सहेंद्र सिंह चौहान ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को धोखे में रखा एवं पार्टी के निर्देश के खिलाफ कार्य किया. विधायक ने भाजपा के साथ सांठगांठ कर षडयंत्र के तहत मतदान किया, इसलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने पार्टी विधायक को तत्काल पार्टी से निष्काषित कर दिया है.

विधायक को पार्टी से निकाला
त्रिलोक त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल देश हित में किसान विरोधी एवं समाज में सांप्रदायिक विष फैला रही भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्षी एकता को बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है. गौरतलब है कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने संवाददाता सम्मेलन कर रालोद विधायक द्वारा गलत वोट देने की बात कही थी और यह भी कहा था कि रालोद का एक वोट उनकी पार्टी के प्रत्याशी को नही मिला.

क्या कहा था मायावती ने
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बीजेपी ने राज्यसभा चुनावों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और धनबल का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इन चुनावों को निर्विरोध ना करवाने के लिए अपना एक प्रत्याशी उतारा ताकि विधायकों की खरीद-फरोख्त और तोड़पोड़ की संभावना बढ़ जाए.

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बीजेपी ने बीएसपी के प्रत्याशी को रोकने के लिए सारे हथकंडे अपनाए. मायावती ने कहा कि गोरखपुर और फूलपुर की हार के बाद बीजेपी को दिन में तारे दिखने लगे थे. इसके बाद बीजेपी ने सपा-बसपा गठबंधन तोड़ने के लिए राज्यसभा चुनाव में हथकंडा अपनाया. उन्होंने लोकदल का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें लोकदल का इकलौता वोट भी नहीं मिला.