सौर ऊर्जा उत्पादन से बिजली की खपत कम कर रहा उत्तर रेलवे, तीन महीने में बचाए इतने लाख रुपये

वर्तमान समय में मानव जीवन सहित समस्त व्यवस्थाएं बिजली की ही धुरी पर आधारित हैं और मांग के अनुपात में खपत की अधिकता को देखते हुए सौर ऊर्जा संयंत्रों को बिजली आपूर्ति के पूरक के रूप में एक विकल्प के रूप में अपनाते हुए आवश्यकता को पूर्ण किया जा रहा है.

सौर ऊर्जा उत्पादन से बिजली की खपत कम कर रहा उत्तर रेलवे, तीन महीने में बचाए इतने लाख रुपये

संकल्प दुबे/लखनऊ: उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल सौर ऊर्जा संयंत्रों द्वारा बिजली के उत्पादन की दिशा में नई कोशिशें कर रहा है. वर्तमान में लगातार बिजली की बढ़ती मांग एक बड़ी समस्या है और सामान्य रूप से मिलने वाली बिजली द्वारा कुशलतापूर्वक रेल संचालन असंभव है. इसके लिए मंडल द्वारा बिजली की पर्याप्त आपूर्ति के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित करके बिजली उत्पादन का कार्य किया जा रहा है.

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मंडल के 25 स्टेशनों और अन्य सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित किया गया
मालूम हो कि सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित करने की इस प्रक्रिया के अंतर्गत अभी तक मंडल के 25 स्टेशनों एवं अन्य केन्द्रों और संस्थानों जैसे अकबरपुर, प्रतापगढ़, अमेठी, जंघई, जौनपुरसिटी,रुदौली, शाहगंज,मालीपुर, मुसाफिरखाना,ऊंचाहार,वाराणसी,सफदरगंज, इरिटेम,जगजीवनराम रेलवे सुरक्षा बल,फैजाबाद,रायबरेली,मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय काशी, डीज़ल शेड, प्रयाग इत्यादि पर 3071 किलोवाट(KWp) के सौर ऊर्जा संयंत्रों को स्थापित किया गया है.

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680495 यूनिट बिजली का उत्पादन 
इन संयंत्रों के द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 20-21 के माह अप्रैल-21 से माह के जून-21 तक 680495 यूनिट बिजली का उत्पादन करते हुए रु. 54,43,960/- की बचत की गई. कोविड महामारी की विषम परिस्थितियों के उपरान्त भी मंडल द्वारा इस क्षेत्र में निष्ठा से कार्य करते हुए मार्च -21 में प्रयाग एवं अमेठी स्टेशनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का कार्य यथासमय सुचारू रूप से संपन्न किया गया.

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विकल्प के रूप में बिजली की जरूरतों को किया जा रहा पूरा
मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने इस विषय में अवगत कराया कि वर्तमान समय में मानव जीवन सहित समस्त व्यवस्थाएं बिजली की ही धुरी पर आधारित हैं और मांग के अनुपात में खपत की अधिकता को देखते हुए सौर ऊर्जा संयंत्रों को विद्युत् आपूर्ति के पूरक के रूप में एक विकल्प के रूप में अपनाते हुए आवश्यकता को पूर्ण किया जा रहा है.

उन्होंने यह भी बताया की इस प्रकार से होने वाले बिजली का उत्पादन जहां एक और बिजली की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है वहीं दूसरी ओर इसके उत्पादन द्वारा रेल राजस्व में बचत भी संभव होती है.

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