उन्‍नाव में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिले ADG, सीएम योगी को शाम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

उन्नाव गैंगरेप केस की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी बुधवार को उन्‍नाव में पीडि़ता के घर पहुंची. यह विशेष जांच दल बुधवार सुबह एडीजी (लखनऊ जोन) के नेतृत्‍व में यहां पहुंचा.

उन्‍नाव में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिले ADG, सीएम योगी को शाम को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
गैंगरेप केस की जांच के सिलसिले में उन्‍नाव में पीडि़ता के घर पहुंची एसआईटी टीम.. (फोटो साभार ANI)
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लखनऊ : उन्नाव गैंगरेप केस की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी बुधवार को उन्‍नाव में पीड़िता के घर पहुंची. यह विशेष जांच दल बुधवार सुबह एडीजी (लखनऊ जोन) के नेतृत्‍व में यहां पहुंचा. पीडि़त परिवार से मुलाकात के बाद एडीजी (लखनऊ जोन) राजीव कृष्‍ण ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 'इस मामले में जिससे भी जरूरत होगी, पूछताछ की जाएगी. सभी की बात सुनी जाएगी. इस घटना में लिप्‍त लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. जांच निष्‍पक्ष तरीके से की जा रही है और पीडि़ता को पूरा न्‍याय मिलेगा.' साथ ही उन्‍होंने कहा कि 'इस केस में अंतरिम रिपोर्ट आज शाम को सौंपी जाएगी.'

उधर, उन्नाव गैंगरेप मामले में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच पीड़िता का बयान सामने आया है, जिसने पुलिस कार्रवाई को कठघरे में खड़ा किया है. पीड़िता का कहना है कि 'पुलिस सेे उन्हें इंसाफ दिलाने की बजाय डीएम ने उन्हें होटल के कमरे बंद कर दिया, जहां ना तो उन्हें पीने के लिए पानी दिया गया. न ही कमरे मेें बिजली है.' पीड़िता का कहना है कि 'कमरे में बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण वह अपने परिवारवालों से संपर्क नहीं कर पा रही हैं.'

 

 

 

गांव गए तो चाचा की हो जाएगी हत्या: पीड़िता की बहन
जी न्यूज से बातचीत के दौरान पीड़िता की बहन ने कहा कि अगर उनके चाचा गांव गए तो उनकी हत्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि मामला तूल पकड़ने के बाद उन्हें और उनकी बहन को पहले डीएम के बंगले पर रखा गया था, लेकिन बाद में पीड़िता को एक होटल के कमरे में बंद कर दिया गया. 

अमित शाह से मिलना चाहते हैं पीड़िता के चाचा
इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज लखनऊ दौरे पर हैं. शाह के लखनऊ दौरे से पहले पीड़िता के चाचा ने उनसे मिलने की इच्छा जताई है. पीड़िता के चाचा का कहना है कि वह अमित शाह से मुलाकात कर इस प्रकरण की गहनता से जांच करवाने और आरोपी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है, इसलिए शाह से मुलाकात कर उनसे इंसाफ की मांग करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें टॉर्चर किया जा रहा, जिसका उनके पास सुबूत भी है.

पीड़िता के चाचा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता के चाचा ने यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है. पीड़िता के चाचा का कहना है एसआईटी द्वारा मामले की जांच करवाकर यूपी सरकार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है. पीड़िता ने चाचा ने इस पूरे प्रकरण की एसआईटी नहीं बल्कि सीबीआई जांच की मांग की है.

DGP से मिलने पहुंची विधायक की पत्नी
इसी बीच आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी सुनीता बुधवार सुबह डीजीपी से मुलाकात करने पहुंची. कुलदीप की पत्नी का कहना है कि उनके पति को इरादतन फंसाया जा रहा है और वे निर्दोष हैं. डीजीपी से मुलाकात से पहले न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान सुनीता ने कहा, 'मैं यहां अपने पति के लिए इंसाफ मांगने आई हूं.'

 

 

SIT आज शाम को सौंपेगी रिपोर्ट
मामले के तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 10 अप्रैल को जांच के लिए SIT का गठन किया है. योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद आज जांच टीम उन्नाव का दौरा कर सकती है और कहा जा रहा है कि शाम तक टीम अपनी पहली रिपोर्ट सौंप सकती है.

मामले से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी पुलिस
इससेे पहले मंगलवार को प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि उन्नाव मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया गया है. एडीजी (लखनऊ जोन) राजीव कृष्णा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है. एसपी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में उनकी टीम रहेगी. टीम में डीएसपी श्वेता श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर अक्षय कुमार, इंस्पेक्टर अवधान पांडे इंस्पेक्टर जेपी यादव शामिल हैं. उन्होंने बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में विधायक के अलावा भी कई लोगों का नाम लिया है. हालांकि 11 जून 2017 को दर्ज एफआईआर में विधायक सेंगर का नाम नहीं था, लेकिन 22 अगस्त 2017 को विधायक का नाम सामने आया था.

विपक्ष के कठघरे में योगी सरकार
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उन्नाव प्रकरण को लेकर योगी सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्रनाथ त्रिवेदी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में केवल विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, ताकि विपक्ष को अनावश्यक बदनाम करने का मौका मिले। लेकिन भाजपा विधायक पर मेहबानी दिखाई जा रही है.