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UP Madrasas News: उत्तर प्रदेश के मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है. अब मदरसों में भी कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को विज्ञान और गणित जैसे आधुनिक विषय भी पढ़ाए जाएंगे. यूपी बोर्ड की तर्ज पर इन विषयों को मदरसा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा. सरकार ने यह फैसला छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को और मजबूत बनाने के लिए लिया है. इसके लिए शीघ्र ही निदेशक समाज कल्याण की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक होगी.
यूपी बोर्ड की तर्ज पर विज्ञान और गणित की पढ़ाई अनिवार्य
अब तक मदरसों में कक्षा 1 से 8 तक का पाठ्यक्रम बेसिक शिक्षा परिषद के अनुसार होता था, लेकिन 9वीं से 12वीं तक उर्दू, अरबी और फारसी जैसी पारंपरिक भाषाएं ही प्रमुख रूप से पढ़ाई जाती थीं. अब इसमें बदलाव करते हुए यूपी बोर्ड की तर्ज पर विज्ञान और गणित जैसे विषयों को भी सिलेबस में शामिल किया जाएगा.
मदरसों की शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा
इन मदरसों में कक्षा 1-8 तक का पाठ्यक्रम लगभग बेसिक शिक्षा परिषद के समान है, लेकिन कक्षा-9 से 12 में अभी विज्ञान और गणित जैसे विषय नहीं पढ़ाए जाते हैं. उच्चस्तर पर फैसला किया गया है कि इन विद्यार्थियों को भी उर्दू, अरबी, फारसी और अंग्रेजी भाषा के साथ विज्ञान और गणित जैसे आधुनिक विषय भी अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएं. यह बदलाव छात्रों को न सिर्फ तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाएगा, बल्कि छात्रों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. इस पहल से मदरसों की शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा और छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी.
यूपी में कितने मदरसे
प्रदेश में वर्तमान में 13329 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं. इनमें 1235400 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं. इन मदरसों में 9,979 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 8) और 3,350 माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्तर (कक्षा 9 से 12) के हैं. इनमें से 561 मदरसे राज्य सरकार से अनुदानित हैं, जिनमें कुल 231806 छात्र रजिस्टर्ड हैं.