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UP Weather Today: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के लखनऊ केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 4 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चलने के संकेत हैं.
लखनऊ में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी लखनऊ में गुरुवार को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. दिन में गर्मी और उमस बनी रहेगी, लेकिन शाम के समय मौसम का मिजाज बदल सकता है. आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 4 जून को अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. शहर में बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है.
पश्चिमी यूपी में गर्मी के साथ बारिश की दस्तक
मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा में दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है. हालांकि दोपहर बाद बादल विकसित होने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है.
अवध क्षेत्र को मिल सकती है राहत
लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या में बादलों की आवाजाही बनी रहने की उम्मीद है. कुछ इलाकों में गरज के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है. इससे भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं, हालांकि नमी बढ़ने के कारण उमस महसूस हो सकती है.
पूर्वांचल में सक्रिय रह सकता है बारिश का दौर
वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मऊ, बलिया, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर समेत पूर्वी यूपी के जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है. खेतों में काम करने वाले किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है क्योंकि कुछ क्षेत्रों में अचानक बारिश और तेज हवा फसलों को प्रभावित कर सकती है.