Mahashivratri 2021: भगवान शिव को नहीं चढ़ाई जाती हैं ये चीजें, पूजा में भूल कर भी न करें इनका इस्तेमाल
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Mahashivratri 2021: भगवान शिव को नहीं चढ़ाई जाती हैं ये चीजें, पूजा में भूल कर भी न करें इनका इस्तेमाल

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि के दिन कई तरह की चीजें शिवलिंग पर अर्पित की जाती है. लेकिन आपको बता दें कि ऐसी कुछ चीजे हैं, जिनको भगवान शिव को नहीं चढ़ाया जाता. 

Mahashivratri 2021: भगवान शिव को नहीं चढ़ाई जाती हैं ये चीजें, पूजा में भूल कर भी न करें इनका इस्तेमाल

लखनऊ: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि महापर्व मनाया जाता है. इस साल 11 फरवरी को यह पर्व मनाया जाएगा. इस दिन भगवान शिव का विवाह भी देवी पार्वती के साथ हुआ था. साल में पड़ने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने और व्रत रखने का विशेष महत्व है. भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र, धतूर, फूल-फल आदि चीजें चढ़ाई जाती हैं. मान्यता है कि इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं. 

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आपको बता दें कि ऐसी कुछ चीजे हैं, जिनको शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता. इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये कौन सी चीजें हैं और इन्हें शिवलिंग पर क्यों नहीं अर्पित की जाती है.

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1. टूटे हुए चावल: भगवान शिव को कभी भी टूटे हुए चावल अर्पित नहीं किए जाते. शास्त्रों के अनुसार टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है. इसलिए हमेशा सही चावल ही अर्पित करें, जिसे अक्षत कहा जाता है. 

2. सिंदूर: सिंदूर शृंगार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो सभी देवियों को चढ़ाया जाता है. क्योंकि भगवान शिव वैरागी हैं इसलिए सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता. 

3. नारियल: शिवलिंग पर नारियल का पानी भी नहीं अर्पित किया जाता है. दरअसल, शास्त्रों के मुताबिक नारियल को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. देवी लक्ष्मी का संबंध भगवान विष्णु से है इसलिए नारियल कभी भी भगवान शिव को नहीं अर्पित किया जाता है.

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4. शंख: भगवान शिव की पूजा में कभी शंख का प्रयोग नहीं किया जाता. शंखचूड़ नाम का एक असुर भगवान विष्णु का भक्त था जिसका वध भगवान शिव ने किया. शंख को शंखचूड़ का प्रतीक माना जाता है. यही कारण है कि शिव भगवान की पूजा-आराधना के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

5. केतकी का फूल: भगवान शिव की पूजा में केतकी के फूल को अर्पित करना वर्जित है. इसलिए कभी भूलकर भी इस पुष्प को न चढाएं. पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार केतकी फूल ने भगवान ब्रह्मा का एक झूठ में साथ दिया था, जिसके बाद भगवान शिव ने क्रोध में केतकी फूल को श्राप दिया था. इसलिए इस फूल को नहीं चढ़ाया जाता है. 

6. तुलसी: हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है. लेकिन इसे शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित है.

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7. तिल: भगवान शिव को तिल भी नहीं चढ़ाया जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ है इसलिए इसे भगवान शिव को अर्पित नहीं किया जाता.

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