close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

देहरादून शराब कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, CM त्रिवेंद्र बोले, 'गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई, इसकी भी जांच होगी'

Dehradun liquor case: अजय सोनकर उर्फ घोंचू को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. शराब कांड के बाद अब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पूरी तरह से एक्शन के मोड में आ गए हैं. सीएम आबकारी विभाग और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली से बेहद नाखुश हैं. 

देहरादून शराब कांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, CM त्रिवेंद्र बोले, 'गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई, इसकी भी जांच होगी'
सोमवार रात पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.

देहरादून: देहरादून शराब कांड (Dehradun liquor case)  के मुख्य आरोपी अजय सोनकर उर्फ घोंचू को गिरफ्तार (Arrested) कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, आज (24 सितंबर) को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत  (Trivendra Singh Rawat) की फटकार के बाद पुलिस हरकत (Uttarakhand Police) में आई और 24 घंटे से भी कम वक्त में घोंचू को गिरफ्तार कर लिया.  

पुलिस ने घोंचू को देहरादून की ईसी रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल उठ रहे हैं. शराब कांड के बाद अब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पूरी तरह से एक्शन के मोड में आ गए हैं. सीएम आबकारी विभाग और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली से बेहद नाखुश हैं. 

सीएम ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और जो भी मामले के दोषी हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्रदेश में अवैध शराब और जहरीली शराब कारोबारियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी के निर्देश जारी किए गए हैं साथ ही जहरीली शराब से मौत पर सजा के और कड़े प्राविधान करने की तैयारी है.

हैरानी इस बात की है कि शुक्रवार को शराब कांड का खुलासा होने के बाद से घोंचू देहरादून में ही छिपा था. लेकिन पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी. घोंचू 4 दिन से देहरादून में ही छिपा था, लिहाजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं.

लाइव टीवी देखें

हालांकि देहरादून के एसएसपी अब इसे लेकर कई तर्क दे रहे हैं. लेकिन सवाल इस बात का है कि जिस आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पूरे राज्य में हंगामा हो रहा था वो इतने दिन तक देहरादून में ही पुलिस की नाक के नीचे कैसे छिपा रहा? आखिर पुलिस अब तक घोंचू को कहां तलाश रही थी? सवाल ये भी है कि आखिर घोंचू को संरक्षण कौन दे रहा था?