बागेश्वर: सालों से ग्रामीण के मकान पर आयुर्वेद विभाग का कब्जा, पीड़ित ने DM से की शिकायत

मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगायी है. पीड़ित का आरोप है कि विभाग पिछले 14 सालों से कब्जा जमाए हुए है.  

बागेश्वर: सालों से ग्रामीण के मकान पर आयुर्वेद विभाग का कब्जा, पीड़ित ने DM से की शिकायत
पीड़ित का आरोप है कि विभाग पिछले 14 सालों से कब्जा जमाए हुए है.

संतोष/बागेश्वर: उत्तराखंड (Uttarakhand) के बागेश्वर (Bageshwar) जिले में आयुर्वेद विभाग पर ग्रामीण के मकान को कब्जाने का आरोप लगा है. मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी कार्यालय में न्याय की गुहार लगायी है. पीड़ित का आरोप है कि विभाग पिछले 14 सालों से कब्जा जमाए हुए है.

दरअसल, बागेश्वर जिले के जखथाना गांव निवासी खीम सिंह ने आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों पर मकान पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है. पीड़ित का कहना है कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा में मदद के लिये उन्होंने वर्ष 2000 में आयुर्वेद चिकित्सालय को अपने पुस्तैनी मकान में एक कमरा दिया था.

अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में यह तय हुआ कि पांच साल तक विभाग को निशुल्क कमरा दिया जायेगा. बाद में विभाग अपने भवन की व्यवस्था कर मकान को खाली करेगा. वहीं, मकान खाली ना करने पर भवन के किराये का नियमित भुगतान करना होगा. 

पीड़ित ने बताया कि विभाग ने वर्ष 2005 से अभी तक उन्हें ना तो किराया दिया है और ना ही मकान की मरम्मत की है. देखरेख के अभाव में मकान की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. परिवार की सुरक्षा को देखते हुये उन्हें अपने परिवार को अन्य जगह ले जाना पड़ा है. उन्होंने बताया कि बार-बार कहने के बावजूद विभाग ना तो मकान का किराया दे रहा और ना ही मकान की मरम्मत करा रहा है. पीड़ित ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुये न्याय की मांग की है.

उधर, ग्रामीण की शिकायत को जिला प्रशासन ने गंभीर मामला बताया है. जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने कहा कि जरूरत के समय ग्रामीण ने विभाग की मदद की और मदद लेने के बाद ग्रामीण को मकान किराये का भुगतान ना करना गलत है. जिलाधिकारी ने आयुर्वेद चिकित्साधिकारी को तत्काल मौके पर जाकर रिपोर्ट लेने के आदेश दिये हैं.