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बाढ़ से बेहाल उत्तर प्रदेश, उफान पर गंगा और यमुना, सीएम योगी ने दिए ये निर्देश

Flood: वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, औरेया, चित्रकूट और कौशांबी में हर तरफ पानी ही पानी है. सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के डीएम को निर्देश दिया है कि 12 घंटे के अंदर मदद पहुंचाई जाए.

बाढ़ से बेहाल उत्तर प्रदेश, उफान पर गंगा और यमुना, सीएम योगी ने दिए ये निर्देश
जलभराव की वजह से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा है.

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में गंगा (Ganga) और यमुना (Yamuna) नदी उफान पर है. गंगा नदी जहां खतरे के निशान को पार कर गई है. वहीं, यमुना नदी भी खतरे के निशान पर है. हालात से निपटने के लिए राहत बचाव दल को जगह-जगह तैनात कर दिया गया है. वहीं, राजस्थान (Rajasthan) और मध्य प्रदेश के बांधों से छोड़े गए पानी के अगले 24 घंटे के भीतर यहां पहुंचने का अनुमान है, जिससे बाढ़ (Flood) का पानी शहर के कुछ हिस्सों में भी प्रवेश कर सकता है. प्रयागराज, गाजीपुर, औरेया, चित्रकूट और कौशांबी में हर तरफ पानी ही पानी है. सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के डीएम को निर्देश दिया है कि 12 घंटे के अंदर मदद पहुंचाई जाए.

ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का सितम लगातार जारी है, जिसको लेकर एनडीआरएफ (NDRF) से और टीम बढ़ाए जाने की सिफारिश भी जिला प्रशासन की ओर से की गई है. वाराणसी में वरुणा और अस्सी नदी ने तटवर्ती इलाकों आने जाने वाले रास्तों को अपनी आगोश में लेना शुरू कर दिया है. रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी आने से लोग अपने घर बार को छोड़ प्रशासन की ओर से मुहैया कराए गए राहत शिविरों की ओर कूच कर रहे हैं.

 

सामनेघाट, मारुति नगर, नगवां सहित तमाम रिहायशी इलाकों में गंगा का पानी बढ़ने के साथ- साथ नगरों में परेशानी भी बढ़ रही है. वाराणसी के 84 घाटों का आपस में सम्पर्क टूट गया है. बुधवार तक वाराणसी में गंगा खतरे के निशान 71.26 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी. 

वहीं, महराजगंज में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कई इलाकों में जल भराव से स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पर रहा है. महाराजगंज के सदर कोतवाली इलाके में जगह-जगह पानी भरने से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है, हालांकि, बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है.

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बाराबंकी में घाघरा नदी के जलस्तर में भले ही कमी आई हो लेकर खतरा अभी टला नहीं है. दो दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से जन-जीवन अस्त व्यस्त है. एक दर्जन से अधिक गांवों में अब भी नदी का पानी भरा हुआ है. गांवों में जलभराव की वजह से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा है. बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उन्हें राहत सामग्री भी नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पर रहा है.

चित्रकूट में लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर से यमुना किनारे बसे सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए है. लोग जान जोखिम मे डालकर खाने का सामान लेने जा रहे हैं, जबकि प्रशासन के सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं.