अवैध रेलवे ई-टिकट के मास्टरमाइंड ने भेजा RPF के DG को 'चैलेंज भरा मैसेज', लिखा...

अवैध रेलवे ई- टिकटिंग के मास्टरमाइंड हामिद अशरफ तलाश IB, NIA, RAW भी कर रही है. 

अवैध रेलवे ई-टिकट के मास्टरमाइंड ने भेजा RPF के DG को 'चैलेंज भरा मैसेज', लिखा...
RPF के डीजी अरुण कुमार (फाइल फोटो - IANS)

नई दिल्ली: अवैध रेलवे ई- टिकटिंग (e-ticketing) के मास्टरमाइंड हामिद अशरफ ने आरपीएफ (RPF) के डीजी अरुण कुमार को मैसेज कर कई चौंकाने वाले खुलासे किए है. इस मैसेज में आईआरसीटीसी (IRCTC) के दावों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं . बता दें अशरफ की तलाश IB, NIA, RAW भी कर रही है. 

RPF के डीजी अरुण कुमार ने खुद मैसेज मिलने की बात कही है. अब इस मैसेज की जांच करवाई जा रही है कि इसमें कितनी सच्चाई है.

हामिद अशरफ ने लिखा, 'डीजी अरुण कुमार सर, ANMS ( रेलवे ई टिकटकिंग का अवैध सॉफ्टवेयर ) 25 जनवरी 2020 को हमेशा के लिए बंद हो जाएगा.' उसने मैसेज में IRCTC पोर्टल के सिक्युरिटी कमियों के बारे में भी बताया और कहा कि फेसबुक और गूगल की तरह IRCTC का अपना सिक्योरिटी सिस्टम नहीं है.

अशरफ ने डीजी को चैलेंज किया की अगर ANMS बन्द हो जाता है तो क्या मार्किट में बिक रहे अन्य सॉफ्टवेयर्स को बंद करवा सकते हैं ? अशरफ ने IRCTC पोर्टल की सिक्योरिटी के लिए काम करने की बात की और इसके बदले में दो लाख रुपये सेलरी की भी डिमांड की. 

IRCTC की सेक्युरिटी सिस्टम को दुरुस्त करने और आम जनता को आसानी से टिकट मिलने जाए इसके लिए टिप्स भी दिए. उसने यह भी कहा कि रेलवे सिस्टम काफी पुराना है और इंडिया को एक साइबर आर्मी की जरूरत है.

बता दें फरार चल रहा हामिद अशरफ पर आरोप है कि उसने दुबई या नेपाल में छिपकर अवैध रेलवे ई - टिकटकिंग के जरिए रेल विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया. हामिद अशरफ को सीबीआई ने 2016 में अवैध तरीके से ई - टिकटिंग बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उस पर 2019 में गोंडा के स्कूल में बम धमाके करवाने का भी आरोप है.

गौरतलब है कि 21 जनवरी को ही आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑल इंडिया ई- टिकटिंग की दलाली का बड़ा खुलासा किया था. इस रैकेट का खुलासा करते हुए देशभर में रेड करने के बाद 27 लोगों की गिरफ्तारी की बात भी कही थी. जिसमें पहली गिरफ्तारी 10 दिन पहले बंगलुरू से गुलाम मुस्तफा नाम के शख्स की हुई थी. 

गुलाम मुस्तफा E- Ticket बनाने और कन्फर्म करने वाले सॉफ्टवेयर बेचता था. गुलाम मुस्तफा के लैपटॉप की जब जांच की गई तो पाकिस्तान, बांग्लादेश, मीडिल ईस्ट और नेपाल लिंक का खुलासा हुआ. गुलाम मुस्तफा के आतंकी लिंक की भी जांच IB और NIA कर रही है.