Mathura Beautification: अयोध्या-काशी के बाद सरकार अब उत्तर प्रदेश के एक और धार्मिक शहर का आधुनिकरण और सौंदर्यीकरण करने जा रही है. इसके लिए 198 परियोजनाओं पर कुल 30,783 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे.
)
कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन आने वाले वर्षों में पूरी तरह नए रूप में नजर आएगी. यहां की गलियों में द्वापर युग का अहसास फिर से जीवित किया जाएगा. प्रदेश सरकार ने तीर्थाटन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘विजन–2030’ तैयार किया है, जिसके तहत कुल 198 परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं. इन पर करीब 30,783 करोड़ रुपये खर्च होंगे. छह वर्षों के भीतर यह सभी योजनाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी.
)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद ने यह महत्वाकांक्षी विजन दस्तावेज तैयार कराया है. इस परियोजना का लक्ष्य न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों का विकास करना है, बल्कि आधुनिक पर्यटन सुविधाएं देकर मथुरा-वृंदावन को वैश्विक स्तर पर ‘स्पिरिचुअल टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करना है.
)
इस विजन में श्रीकृष्ण जन्मस्थान, वृंदावन का बांकेबिहारी मंदिर, गोवर्धन पर्वत, बरसाना की राधारानी नगरी, गोकुल, महावन और नंदगांव जैसे लीलास्थलों को शामिल किया गया है. इन क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं, बेहतर यातायात व्यवस्था और सांस्कृतिक संरचना पर काम शुरू हो चुका है.
)
वृंदावन में 600 करोड़ रुपये की लागत से बांकेबिहारी कॉरिडोर बनाया जा रहा है. 2.28 हेक्टेयर में फैले इस गलियारे में स्थल विकास, शहरी सेवाएं, तीन हजार तीर्थयात्रियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, विशिष्ट अतिथि कक्ष और भोजनालय जैसी सुविधाएं होंगी.
)
इसी के साथ 80 करोड़ रुपये से पानीगांव रोड पर डिजिटल म्यूजियम, 50 करोड़ रुपये से मीराबाई कन्वेंशन सेंटर और 42 करोड़ रुपये से हरिदास प्रेक्षागृह का निर्माण भी प्रस्तावित है.
)
पर्यटकों को सुगम यातायात सुविधा देने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं तैयार की गई हैं. 550 करोड़ रुपये से यमुना नदी पर एलिवेटेड रोड और सिग्नेचर पुल बनाया जाएगा. यह पुल जुगल घाट से बेगमपुर पार्किंग तक 1500 मीटर लंबा होगा. इसके अलावा 80 करोड़ रुपये से मथुरा-वृंदावन से मांट मार्ग पर 750 मीटर लंबा फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा.
)
80 करोड़ रुपये से अग्रसेन और मसानी चौराहों पर तीन लेन फ्लाईओवर तथा 105 करोड़ रुपये से मथुरा-भरतपुर मार्ग पर फोरलेन सेतु का निर्माण किया जाएगा. 100 करोड़ रुपये से रेल सेक्शन पर फोरलेन रेल पुल और 40 करोड़ रुपये से कलक्ट्रेट परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी.
)
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये से मथुरा-वृंदावन मार्ग पर हरित पट्टिका (Green Belt) विकसित की जाएगी. वहीं, यमुना नदी के घाटों की सफाई के लिए तीन ट्रैश स्किमर मशीनें खरीदी जाएंगी. 200 करोड़ रुपये से यमुना नदी के दाएं किनारे केसी घाट से देवराहा बाबा घाट तक रिवर फ्रंट का भव्य निर्माण होगा. 55 करोड़ रुपये से वृंदावन में देवराहा बाबा आश्रम के पास रिवरफ्रंट तैयार किया जाएगा, जबकि 13.72 करोड़ रुपये से सौभरि ऋषि जलाशय का सुंदरीकरण किया जाएगा, जिसमें 250 कारों की पार्किंग भी होगी.
)
84 कोस परिक्रमा मार्ग के पड़ाव स्थलों, गोवर्धन के माधुरी कुंड, नारायण सरोवर, अनंत वन, छतरी, और टीएफसी केंद्रों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. गोकुल में 50 करोड़ रुपये से नेचर वॉक ट्रैक विकसित होगा, जिसमें प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और टॉयलेट जैसी सुविधाएं शामिल रहेंगी.
)
वृंदावन में मल्टीलेवल कार पार्किंग, टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर, क्रूज और नौका पर्यटन, और देवराहा बाबा आश्रम के पास रिवरफ्रंट जैसी परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन को आधुनिकता के साथ जोड़ेंगी. नंदगांव, बरसाना, महावन और गोकुल में कथा पंडाल, रसोई, पुस्तकालय और रामलीला स्थलों का विकास किया जाएगा.
)
लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.