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भाई पर कार्रवाई से बौखलाईं मायावती, कहा- 'दलितों को बढ़ता नहीं देख सकते BJP-RSS'

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि आरएसएस और बीजेपी सुन ले कि मैं डरने वाली नहीं. घबराने वाली नहीं. बीजेपी और आरएसएस कंपनी को मेरी खुली चेतावनी है.

भाई पर कार्रवाई से बौखलाईं मायावती, कहा- 'दलितों को बढ़ता नहीं देख सकते BJP-RSS'
मायावती ने लगाए आरोप.

नई दिल्‍ली : आयकर विभाग की ओर से भ्रष्‍टाचार के आरोप में बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार पर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की गई है. आनंद कुमार और उनकी पत्‍नी की नोएडा स्थित 400 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति को कुर्क कर दिया गया है. इसके बाद मायावती ने शुक्रवार को बीजेपी और राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मायावती ने कहा है कि बीजेपी और आरएसएस देश में दलितों को आगे बढ़ते नहीं देख सकते हैं. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी की सरकार अपनी सरकारी मशीनरी को दुरुपयोग कर रही है.

भाई आनंद कुमार पर आयकर के शिकंजे पर मायावती ने कहा कि हमारे खिलाफ साजिश हो रही है. उन्‍होंने कहा कि जब इन लोगों ने बहन जी के भाई को नहीं बख्शा तो हमें क्या बख्शेंगे. ये संदेश दलितों को देने की कोशिश की जा रही है. आरएसएस और बीजेपी सुन ले कि मैं डरने वाली नहीं. घबराने वाली नहीं. बीजेपी और आरएसएस कंपनी को मेरी खुली चेतावनी है.

मायावती ने कहा है कि हमारी पार्टी अपने वर्गों के लोगों के लिए आर्थिक संघर्ष करती रहेगी. बीजेपी के लोग दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांक कर देखें. बीजेपी के नेता देखें कि पार्टी ज्वाइन करने से पहले उनके पास कितनी संपत्ति थी और अब कितनी संपत्ति है.

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मायावती ने आरोप लगाया किया चुनाव के दौरान बीजेपी के खाते में 2000 करोड़ रुपये बैंक खाते में आए. ईवीएम में गड़बड़ी भी बीजेपी के लोगों ने की है. मायावती ने कहा कि श्री अटल जी की सरकार को छोड़कर, मोदी और अमित शाह की कंपनी की सरकार ने पूरे देश में पार्टी के नाम पर बहुत जमीन खरीदी है. ये सब बेनामी संपति है. ये एक  साजिश है कि दलितों को आर्थिक क्षेत्र में आगे न बढ़ने दिया जाए.

बसपा प्रमुख ने कहा कि दलितों की बहन जी उनके साथ खड़ी हैं. बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है तो उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण में कहा है कि रेलवे की नौकरी का निजीकरण होगा. ये दलितों को नौकरी से वंचित रखने की साजिश है. बीजेपी आरक्षण को खत्‍म करना चाहती है.