अमरोहा: मेरठ में 35 करोड़ की नकली NCERT की किताबें बरामद करने के बाद आरोपी सचिन की तलाश में STF की ताबड़तोड़ रेड

मेरठ में बरामद हुईं NCERT की नकली किताबों के मामले में अब एसटीएफ आरोपी सचिन गुप्ता की तलाश में अमरोहा में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.बरामद किताबों की कीमत 35 करोड़ रूपये बतायी जा रही है.

अमरोहा: मेरठ में 35 करोड़ की नकली NCERT की किताबें बरामद करने के बाद आरोपी सचिन की तलाश में STF की ताबड़तोड़ रेड
मेरठ में पकड़ी गईं नकली NCERT की किताबें

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में NCERT की नकली किताबें प्रिंट करने और उन्हें बेचे जाने की सूचना पर STF और परतापुर पुलिस की टीम ने एक गोदाम पर छापा मारा और वहां से बड़ी मात्रा में NCERT की किताबें बरामद की हैं. बरामद किताबों की कीमत 35 करोड़ रूपये बतायी जा रही है. पुलिस ने मेरठ से इस मामले में करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. फिलहाल गोदाम का मालिक फरार है और उसकी तलाश में एसटीएफ की टीम अमरोहा से गजरौला तक लगातार रेड कर रही है. नकली किताबें छापने के आरोपी सचिन गुप्ता की फैक्ट्री पर एसटीएफ की टीम रेड कर रही है. हालांकि अब तक सचिन गुप्ता नहीं पकड़ा गया है.उधर नकली किताबें सप्लाई करने का ये नेक्सस उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक होने की बातें सामने आ रही हैं. 

उत्तराखंड STF एक्शन में 

उत्तराखंड एसटीएफ मेरठ में पकड़ी गईं नकली एनसीईआरटी की किताबों के मामले को लेकर एक्शन में आ चुकी है. यूपी एसटीएफ ने उत्तराखंड एसटीएफ से संपर्क किया है और अब उत्तराखंड एसटीएफ भी किताबों की आवक और सप्लाई पर जानकारी जुटाने में लग गई है. डीआईजी एसटीएफ रिद्धिम अग्रवाल ने कहा है कि उत्तराखंड एसटीएफ शाम तक इस मामले में कुछ अहम जानकारी हासिल कर सकती है. 

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क्या है मामला? 
मेरठ पुलिस को सूचना मिली कि थाना परतापुर में एक गोदाम के अंदर नकली NCERT की किताबों की प्रिंटिंग और सप्लाई का धंधा चल रहा है. इसी सूचना पर एसटीएफ और थाना परतापुर की संयुक्त टीम ने जब यहां छापा मारा तो उनकी उन्हें बड़ी संख्या में नकली किताबें मिलीं. बताया जा रहा है कि छापेमारी के बाद किताबों को जलाने की भी कोशिश की गई, लेकिन आग बुझाकर काफी किताबें बरामद कर ली गईं.
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि गोदाम के अंदर से मिली किताबों की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये है. फिलहाल गोदाम को जांच के लिए सील किया जा रहा है. पुलिस किताबों की प्रिंटिंग वाली जगह पर भी पहुंची और यहां से 6 प्रिंटिंग मशीनें भी बरामद कीं. मामले में करीब 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि फरार मालिक की तलाश की जा रही है. यहां छापी जा रही किताबों को यूपी के अलावा उत्तराखंड, दिल्ली और आसपास के अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था.  

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