Oldest School of Uttar Pradesh: ईस्ट इंडिया कंपनी का आधिपत्य और ब्रिटिश हुकूमत का साम्राज्य उत्तर भारत में देर से फैला, लेकिन बंगाल, मद्रास (चेन्नई) की तरह उत्तर प्रदेश में भी अंग्रेजी शासन के साथ उनका एजुकेशन सिस्टम भी तेजी से पैर पसारती चला गया. क्या आप जानते हैं कि यूपी का सबसे पुराना अंग्रेजी मीडियम स्कूल कब और कहां खुला और किसने उसका निर्माण करवाया.
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यूपी का सबसे पुराना इंग्लिश मीडियम स्कूल मेरठ में सेंट जॉन सीनियर सेकेंडरी स्कूल है, जो 1857 की क्रांति के भी काफी पहले स्थापित हुआ. ब्रिटिश रेजीमेंट में शामिल बच्चों के लिए यह स्टेशन स्कूल ऑफ रेजीमेंट 1830 में शुरू हुआ और 1881 तक सरकारी अनुदान पर चलता रहा.
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मेरठ स्थित सेंट जॉन सीनियर सेकेंडरी स्कूल को उत्तर प्रदेश के सबसे पुराने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में से एक माना जाता है, जिसकी नींव अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान 1830 में रखी गई थी। यह स्कूल उस समय के कैंटोनमेंट (छावनी) क्षेत्र में उन ब्रिटिश अधिकारियों और सैनिकों के बच्चों के लिए खोला गया था जो मेरठ में तैनात थे.
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इस बीच मेरठ और आसपास कई प्राइवेट इंग्लिश मीडिया स्कूल भी खोले गए, लेकिन वो सफल नहीं हुए. 1881 में गर्ल्स अपर स्कूल भी खुला, जिसे बाद में सेंट जॉन गर्ल्स अपर स्कूल भी नाम दिया गया.
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सेंट जॉन स्कूल की कामयाबी इतनी ज्यादा थी कि इसकी दो और शाखाएं 1882 में खोली गईं. ये स्कूल उन मिडिल क्लास के बच्चों के लिए थे, जो अपने बच्चों को पहाड़ों के हिल बोर्डिंग स्कूल भेज नहीं पाते थे. 1890 में इस स्कूल की तीनों शाखाओं को फिर मिला दिया गया. तब से ये स्कूल बेगम सुमरू चैपल की 117 बैंक स्ट्रीट पर चल रहा है. आज यह स्कूल सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है.
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अंग्रेजों के जमाने में यहां की शिक्षा पद्धति और अनुशासन पूरी तरह से पश्चिमी शैली का था, और शुरुआती दौर में यह एक छोटी सी इमारत से शुरू होकर समय के साथ मेरठ की ऐतिहासिक पहचान बन गया. आज लगभग दो सदियों बाद भी यह स्कूल यूपी की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को संजोए हुए है.
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लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.