Advertisement
trendingPhotos/india/up-uttarakhand/uputtarakhand3205719
Zee UP-UttarakhandPhotosगंगा एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया केंद्र! इन शहरों में प्रॉपर्टी के दामों ने भरी रॉकेट-सी उड़ान, विकास ने पकड़ी रफ्तार
photoDetails0hindi

गंगा एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया केंद्र! इन शहरों में प्रॉपर्टी के दामों ने भरी रॉकेट-सी उड़ान, विकास ने पकड़ी रफ्तार

Ganga Expressway Investment: हाल ही में शुरू हुए उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे ने यूपी के छोटे बड़े कुल 12 जिलों की किस्मत जगा दी है. गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक कॉरिडोर के लिए 47000 करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, नतीजतन बीते 18 महीने में 15 फीसद तक प्रॉपर्टी के दाम बढ़े हैं. 

कितने बढ़ेंगे जमीन के दाम

1/6
कितने बढ़ेंगे जमीन के दाम

विशेषज्ञों का अनुमान है कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद अगले 12 से 18 महीनों में मेरठ, हापुड़, हरदोई, अमरोहा और प्रयागराज जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है. 

गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया इंजन

2/6
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया इंजन

करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ते हुए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी ही नहीं, विकास का अंतर भी कम करेगा. बेहतर कनेक्टिविटी से जहां यात्रा समय घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा, वहीं NCR का आर्थिक प्रभाव अब राज्य के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचेगा. 

कौन-कौन से जिलों के लिए खास अवसर

3/6
कौन-कौन से जिलों के लिए खास अवसर

रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कॉरिडोर के आसपास माइक्रो-मार्केट्स तेजी से विकसित होंगे. लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और कमर्शियल गतिविधियों में तेजी आने से प्लॉट और मिड-इनकम हाउसिंग की मांग बढ़ेगी.  खासकर मेरठ के लिए यह बड़ा अवसर है, जो NCR के विस्तार के रूप में एक प्रमुख हाउसिंग हब बन सकता है, जबकि हापुड़ और हरदोई जैसे शहरों में जमीन और आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग तेज होगी. 

47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

4/6
47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी इस एक्सप्रेसवे का असर साफ दिखने लगा है. करीब 47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं और 6,500 एकड़ से अधिक भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित की गई है. इंटरचेंज के आसपास के क्षेत्रों में ग्रेड-A वेयरहाउसिंग विकसित होने की संभावना है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत 15-20 फीसदी तक घट सकती है. 

एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे 11 औद्योगिक कॉरिडोर

5/6
एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे 11 औद्योगिक कॉरिडोर

इसके अलावा, प्रतापगढ़, उन्नाव और हापुड़ जैसे जिलों में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी. सरकार की योजना इस एक्सप्रेसवे को 11 औद्योगिक कॉरिडोर से जोड़ने की है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स और एग्रो-प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा फायदा होगा. 

Disclaimer

6/6
Disclaimer

लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.