Ganga Expressway Investment: हाल ही में शुरू हुए उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे ने यूपी के छोटे बड़े कुल 12 जिलों की किस्मत जगा दी है. गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक कॉरिडोर के लिए 47000 करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं, नतीजतन बीते 18 महीने में 15 फीसद तक प्रॉपर्टी के दाम बढ़े हैं.
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विशेषज्ञों का अनुमान है कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद अगले 12 से 18 महीनों में मेरठ, हापुड़, हरदोई, अमरोहा और प्रयागराज जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में 12 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
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करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ते हुए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी ही नहीं, विकास का अंतर भी कम करेगा. बेहतर कनेक्टिविटी से जहां यात्रा समय घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा, वहीं NCR का आर्थिक प्रभाव अब राज्य के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचेगा.
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रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कॉरिडोर के आसपास माइक्रो-मार्केट्स तेजी से विकसित होंगे. लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और कमर्शियल गतिविधियों में तेजी आने से प्लॉट और मिड-इनकम हाउसिंग की मांग बढ़ेगी. खासकर मेरठ के लिए यह बड़ा अवसर है, जो NCR के विस्तार के रूप में एक प्रमुख हाउसिंग हब बन सकता है, जबकि हापुड़ और हरदोई जैसे शहरों में जमीन और आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग तेज होगी.
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इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी इस एक्सप्रेसवे का असर साफ दिखने लगा है. करीब 47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं और 6,500 एकड़ से अधिक भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित की गई है. इंटरचेंज के आसपास के क्षेत्रों में ग्रेड-A वेयरहाउसिंग विकसित होने की संभावना है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत 15-20 फीसदी तक घट सकती है.
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इसके अलावा, प्रतापगढ़, उन्नाव और हापुड़ जैसे जिलों में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी. सरकार की योजना इस एक्सप्रेसवे को 11 औद्योगिक कॉरिडोर से जोड़ने की है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स और एग्रो-प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा फायदा होगा.
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लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.