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Jauhar University fire notice: उत्तर प्रदेश के रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर प्रशासन के निशाने पर है. रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की कार्रवाई के बाद अब उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग ने यूनिवर्सिटी को एक सख्त नोटिस जारी किया है. यह नोटिस विश्वविद्यालय परिसर के अंदर बने भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर दिया गया है.
22 भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
फायर विभाग की टीम द्वारा किए गए हालिया निरीक्षण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित 22 बड़े भवनों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए हैं. इनमें से अधिकांश भवनों में अग्निशमन उपकरण या तो खराब हालत में हैं या फिर मानकों के अनुरूप नहीं हैं. आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते और पानी की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं.
7 दिन का अल्टीमेटम
अग्निशमन विभाग ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 7 दिनों का समय दिया है. इस नोटिस के माध्यम से प्रबंधन से पूछा गया है कि क्यों न सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में इन भवनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो विभाग सीलिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा.
आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं
यह पहली बार नहीं है जब जौहर यूनिवर्सिटी कानूनी कार्रवाई के घेरे में आई है. इससे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा भी यूनिवर्सिटी की कई संपत्तियों और निर्माण कार्यों को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है. सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और निर्माण संबंधी विवाद पहले से ही चल रहे हैं. अब फायर विभाग के इस नए नोटिस ने पूर्व मंत्री आजम खान और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की कानूनी मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं.
आगे क्या हो सकता है?
फायर विभाग का यह कदम छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है. यदि यूनिवर्सिटी प्रबंधन 7 दिनों के भीतर सुरक्षा इंतजामों को ठीक नहीं कर पाता है, तो प्रशासन इन भवनों को सुरक्षित न मानते हुए इन्हें बंद करने का आदेश दे सकता है. वर्तमान में पूरा मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन इस नोटिस का क्या जवाब देता है.