आगरा: मूवर्स-पैकर्स के नाम पर करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, आप भी हो सकते थे शिकार

ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ग्राहकों को सस्ते ऑफर्स देकर उनके साथ ठगी करते थे. शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई में हुआ इस रैकेट का भंडाफोड़.  

आगरा: मूवर्स-पैकर्स के नाम पर करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, आप भी हो सकते थे शिकार
पुलिस गिरफ्त में ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी.

आगरा: आगरा में ऑनलाइन ट्रांस्पोर्ट की बड़ी कंपनियों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. आरोप है कि ये ठग मूवर्स पैकर्स, ओएलएक्स और जस्ट डायल जैसी बड़ी कंपनियों का इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी करते थे. साइबर सेल की गिरफ्त में आए इन लोगों ने देश की बड़ी-बड़ी ऑनलाइन वेबसाइट पर अपनी फर्जी कंपनियों को रजिस्टर कराया हुआ था. जब भी कोई ग्राहक अपना सामान ट्रांस्पोर्ट करने के लिए ऑनलाइन सर्च करता, इनकी कंपनी का नाम और नंबर ग्राहक के पास आ जाते थे. जिसके बाद ये ग्राहकों को सस्ते ऑफर्स देकर उनके साथ ठगी करते थे.

कैसे हुआ खुलासा?
शिकायतकर्ता रघुवीर सिंह यादव ने एसएसपी आगरा से शिकायत की थी कि, असम से कोयला मंगाने के लिए उसने गूगल पर ट्रांसपोर्टर्स के नंबर सर्च किए. जिसके बाद उसने इन लोगों से संपर्क किया.आरोप है कि रघुवीर को झांसे में लेकर इन लोगों ने उनसे 1 लाख 11 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया.

ठगी के 9 आरोपी गिरफ्तार
9 अपराधियों को साइबर सेल और जैतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने कई अहम खुलासे भी किए हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए गैंग के अपराधियों के मुख्य तीन सरगना ऋषभ, आदेश और प्रेम सिंह उर्फ नंदी है. बाकी पांच उनके इसके काले काम में उनका साथ देते थे. इस गैंग में दिलीप नाम का एक ठग और शामिल है. दिलीप इन ठगों को एक हजार रुपए प्रतिदिन में एक्टिवेट सिम उपलब्ध करता था. जिसके जरिए ये रोजाना लोगों को लाखों रुपए का चूना लगाते थे. पुलिस के मुताबिक दिलीप मोबइल के सिम बेचने का काम करता है. पुलिस के मुताबिक सिम विक्रेता दिलीप अब तक इस गिरोह को 700 सिम उपलब्ध करा चुका है.

कई राज्यों में फैला ठगों का नेटवर्क
गैंग के सदस्य महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान में ठगी को अंजाम देते थे. पुलिस टीम ने इन अपराधियों से 19 मोबाइल, 28 सिम कार्ड, 15 एटीएम, तीन फर्जी ट्रांसपोर्टर लेटर हेड और एक रजिस्टर बरामद किया है.

देश के कई बड़े बैंकों में हैं अकाउंट
इस काम के लिए यह यूनियन बैंक, केनरा बैंक, फिनो बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, औरैया, इटावा के साथ बाकी जगह के बैंकों के खाते इस्तेमाल करते थे. ये गैंग एक बार में एक ग्राहक और ट्रांसपोर्टर को अपना निशाना बनाते थे और धोखाधड़ी करने के बाद उस सिम को तोड़ कर फेंक देते थे जिससे ट्रांसपोर्टर्स और ग्राहक उनसे दोबारा संपर्क न कर सके. फिलहाल पुलिस ने इन ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इन ठगों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है.