एक ही गांव के नाबालिगों की शादी पर पंचायत ने लड़के पक्ष को गांव से निकाला, बोले- कहीं और ढूंढ लो ठिकाना

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर प्रेम विवाह को लेकर पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है. जिसमें समाज के ठेकेदारों ने एक ही गांव में प्रेम विवाह करने वाले युवक और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया है.

एक ही गांव के नाबालिगों की शादी पर पंचायत ने लड़के पक्ष को गांव से निकाला, बोले- कहीं और ढूंढ लो ठिकाना
(सांकेतिक तस्वीर)

मुजफ्फरनगरः उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर प्रेम विवाह को लेकर पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है. जिसमें समाज के ठेकेदारों ने एक ही गांव में प्रेम विवाह करने वाले युवक और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया है. वहीं युवती के परिवार को युवती की दूसरी जगह शादी करने की हिदायत दी है. जानकारी के मुताबिक 1 सप्ताह पूर्व नाबालिग जोड़े ने प्रेम प्रसंग के बाद चोरी छुपे शादी की थी. बाद में युवक और युवती के परिजनों ने हिन्दू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह संपन्न करा दिया. शादी के बाद दूल्हा और दुल्हन का डीजे पर डांस की वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद गांव में पंचायत हुई और लड़के पक्ष को समाज और गांव से बहिष्कार कर दिया गया. पुलिस ने लड़की के बाबा की तहरीर पर लड़के के पिता और लड़की की माता के खिलाफ बाल विवाह की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

दरअसल, मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के भौराकलां थाना इलाके का है. जहां गांव के दो नाबालिगों में साथ साथ पढ़ाई के दौरान दोनों में प्रेम हो गया. 1 सप्ताह पूर्व दोनों ने परिवार को बिना जानकारी दिए आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली. जिसके बाद परिजनों को शादी की जानकारी मिली तो दोनों के घरवालों ने हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ गांव में की शादी करा दी. वहीं 7 दिन बाद यह मामला फिर गर्म हो गया जब गांव में एक सोशल मीडिया पर लड़का और लड़की की डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसको लेकर गांव में चर्चाएं शुरू हो गईं और समाज के कुछ ठेकेदारों ने गांव में बड़ी पंचायत का आयोजन किया. 

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पंचायत में गांव के पूर्व प्रधान सुभाष के साथ समाज के तमाम बड़े ठेकेदार मौजूद थे, जिन्होंने पंचों के एक फैसले पर लड़के पक्ष का समाज और गांव से बहिष्कार करा दिया. हालांकि लड़की पक्ष को पंचायत ने कोई फरमान नहीं सुनाया, लेकिन लड़के पक्ष पर यह पंचायत का तुगलकी फरमान क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बना हुआ है. कई वर्षों से गांव में रह रहे लड़के पक्ष को उसकी एक गलती पर गांव के ठेकेदारों ने गांव से बाहर निकाल दिया. अब लड़के पक्ष के घर ताला लटका हुआ है. हालांकि लड़की के बाबा की तहरीर पर पुलिस ने बाल विवाह की धाराओं में लड़के के पिता और लड़की की माता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई का पुलिस दावा कर रही है.

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किशोरी ने बताया है की आर्यन और वो दोनों बचपन से साथ-साथ स्कूल जाते थे. तभी से हम दोनों में दोस्ती हो गयी और धीरे धीरे दोस्ती प्यार में बदल गया. हमने अपने-अपने परिवार से शादी की बात की, लेकिन हम दोनों के घर वाले इस विवाह को तैयार नहीं हुए इस लिए हमने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली और घरवालों को बता दिया. इस पर हमारे घरवालों ने आर्यन के पिता जी को बुलाकर पंडित से से हमारी शादी करा दी. इस शादी के बाद गांव में पंचायत हुई. पंचायत में इस विवाह का विरोध हुआ. गांव वाले कहते हैं कि एक ही गांव के लड़का और लड़की आपस में शादी नहीं कर सकते. 

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पंचायत में मेरे बूढ़े बाबा जी को बुलाकर उनसे किसी ने जबरन आर्यन और उसके पिता और मेरी मां के खिलाफ पुलिस में तहरीर दिला दी. आर्यन और में दोनों नाबालिग है. मैं बी ए प्रथम वर्ष की छात्रा हूं और आर्यन इंटर कॉलेज में है. गांव वाले मेरे दादा जी पर दबाव बना रहे हैं कि अपनी पोती की शादी कंही और करो. जब मेरी शादी हो गई है तो मैं दूसरी जगह कैसे शादी कर सकती हूं. वंही इस पूरे मामले में एस पी देहात नेपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि जनपद के भोरा कलां थाना क्षेत्र में दो नाबालिक युवक और युवती के विवाह करने की बात सामने आई है. युवती की दादा जी की और से युवक और उसके पिता मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया है.