छात्रवृति घोटाला: देहरादून और हरिद्वार के एसएसपी को नैनीताल हाईकोर्ट ने किया तलब

कोर्ट ने दोनों जिलों के एसएसपी को 9 जनवरी को तलब किया है. कोर्ट ने पूछा कि क्यों ना आप पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरु की जाए.  

छात्रवृति घोटाला: देहरादून और हरिद्वार के एसएसपी को नैनीताल हाईकोर्ट ने किया तलब
11 जिलों में संजय गुंजयाल वाली SIT से कल तक पूरी रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करने को कहा गया है.

नैनीताल: छात्रवृत्ति घोटाले (Uttarakhand Scholarship Scam) में नैनीताल हाईकोर्ट का आदेश न मानना हरिद्वार व देहरादून के एसएसपी को भारी पड़ा है. कोर्ट ने दोनों जिलों के एसएसपी को 9 जनवरी को तलब किया है. कोर्ट ने पूछा कि क्यों ना आप पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरु की जाए. दरअसल, दोनों एसएसपी को छात्रवृत्ति घोटाले में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करनी थी. जिसको दोनों ने नकार दिया और रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल नहीं की.

इसके साथ ही जौनसार में गलत तरीके से छात्रवृत्ति का पैसा लेने के मामले में सचिव समाज कल्याण को भी कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पूरे मामले में अपनी रिपोर्ट के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें. वहीं 11 जिलों में संजय गुंजयाल वाली एसआईटी से कल तक पूरी रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करने को कहा गया है. बता दें कि राज्य में 600 करोड़ से ज्यादा का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ है. 

एसआईटी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही है
कोर्ट में पिछली सुनवाई को एसआईटी ने पूरे मामले की सुनवाई की. जिसमें रविन्द्र जुगरान समेत अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में पूरे मामले पर सीबीआई जांच की मांग की गई है. अभी फिलहाल, देहरादून और हरिद्वार जिलों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच टीसी मंजूनाथ कर रहे हैं जो एसपी ट्रैफिक का चार्ज संभाल रहे हैं और 11 जिलों में इस छात्रवृत्ति घोटाले की जांच संजय गुंज्याल कर रहे हैं.

हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित हुई थी एसआईटी
छात्रवृति घोटाले की जांच आंदोलनकारी नेता रविंद्र जुगरान की पीआईएल के बाद शुरू हुई. 2017 में इस पूरे घोटाले की सीबीआई जांच की मांग रविंद्र जुगरान ने की. उन्होंने कहा कि ये घोटाला कई प्रदेशों तक फैला हुआ है और इसलिए इसकी जांच सीबीआई ही कर सकती है. लेकिन, एक साल तक राज्य सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया. उसके बाद रविन्द्र जुगरान ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. जिसके बाद कोर्ट ने इस पूरे मामले पर एसआईटी गठित की और फिर जांच शुरू हुई. इस घोटाले में जब बड़ी मछलियों पर कार्रवाई शुरू हुई तो सरकार ने टीसी मंजूनाथ का ट्रांसफर कर दिया. कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को पलट दिया और दोबारा जांच टीसी मंजूनाथ को सौंप दी.

एसआईटी ने हाईकोर्ट में देहरादून व हरिद्वार जिले की जांच को प्रगति रिपोर्ट बताई. एसआईटी ने बताया कि देहरादून में 13 व हरिद्वार में 39 कॉलेज व संस्थाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की गई है. घोटाले में लिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है.