रोडवेज कर्मचारी यूनियन की याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा शपथपत्र

दरअसल याचिका में कहा गया था कि सरकार कर्मचारियों के खिलाफ जो एस्मा लगाने जा रही है वह नियम विरुद्ध है.

रोडवेज कर्मचारी यूनियन की याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा शपथपत्र
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की याचिका पर नैनीताल हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार से शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.

नैनीताल : अपनी मांगों को लेकर काफी समय से आवाज उठा रहे उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की याचिका पर शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. अब इस मामले की अगली सुनवाई  9 जनवरी को होगी.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल याचिका में कहा गया था कि सरकार कर्मचारियों के खिलाफ जो एस्मा लगाने जा रही है वह नियम विरुद्ध है. रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की नीतियों के कारण ही वे हड़ताल करने को मजबूर होते हैं. सरकार और निगम ने न तो कर्मचारियों को नियमित किया है और न हीं उन्हें हर महीने वेतन दिया जा रहा है. पिछले 4 साल से कर्मचारियों को ओवर टाइम भी नहीं दिया गया है. 

इसके अलावा जो कर्मचारी रिटायर हो गए हैं उन्हें भी पूरा पैसा भी नहीं दिया गया है. इन सब मांगों को लेकर कई बार सरकार और निगम से यूनियन का समझौता भी हुआ है लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. अब सरकार आवाज उठाने पर एस्मा लगाने को भी तैयार है। 

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को निगम को 69 करोड़ रुपये बकाये का देना है वही उत्तरप्रदेश परिवहन को निगम को 700 करोड़ रुपये देना है. यदि यह देनदारियां खत्म हो जाएं तो उनके भुगतान आसानी से हो सकेंगे. 

शुक्रवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार की तरफ से आए अधिवक्ता ने बताया कि 13 दिसंबर 2019 को दोनों राज्यों (यूपी और उत्तराखंड) की सरकारों को केंद्र ने आदेश दिए थे कि परिसम्पत्तियों के बंटवारे को लेकर यथास्थिति और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें लेकिन अब तक किसी भी सरकार के द्वारा कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. (संपादन: विवेक शुक्ला)