इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी खास, ये बातें होंगी पहली बार

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए शुरू हुआ आवेदन, उत्तराखंड भी है पूरी तरह तैयार

इस साल की कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी खास, ये बातें होंगी पहली बार
पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, आगामी 23 मार्च तक कैलाश यात्रा के लिए आवेदन किए जा सकते हैं

नैनीताल (राजू पाण्डे): कैलाश मानसरोवर यात्रा-2018 के लिए पंजीकरण मंगलवार से शुरू हो गया. विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 23 मार्च तक इच्छुक यात्री अपना पंजीकरण करा सकते हैं. 8 जून से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए इस बार पहली बार हर पड़ाव पर शिकायत प्रकोष्ठ लगाए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक यात्रा को सफल व सुगम बनाने के लिए केएमवीएन के 100 से अधिक कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं. विश्वविख्यात इस यात्रा को लेकर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो चुका है. बताया जा रहा है कि इस बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पारंपरिक उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के साथ-साथ सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी हो सकेगी. आपको याद दिला दें कि पिछले साल विवाद के चलते चीन ने इस मार्ग से यात्रा की इजाजत वापस ले ली थी. 

23 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन
जानकारी के मुताबिक पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आगामी 23 मार्च तक कैलाश यात्रा के लिए आवेदन किए जा सकते हैं. बताया जा रहा है कि इस वर्ष भी पूर्व की भांति यात्रा में कुल 18 जत्थे शामिल होंगे. प्रत्येक जत्थे में 60 यात्री शामिल होंगे. जानकारी के मुताबिक यात्रियों का पहला दल 12 जून को उत्तराखंड में प्रवेश करेगा.

इस साल मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
यात्रा संचालक केएमवीएन ने यात्रा को सफल व सुगम बनाने के लिये प्रयास शुरू कर दिए हैं. इसके लिए निगम के 100 से अधिक कर्मचारी विभिन्न पड़ावों पर व्यस्थाओं में लगे हैं. बताया जा रहा है कि इस साल आवासीय सुविधाओं में काफी बढ़ोत्तरी की गई है. अधिकारियों के मुताबिक गूंजी नाभीढांग बूंदी में नए एफआरबी हट्स बनाए गए हैं जिसमें यात्रियों को काफी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

धारचूला से बूंदी तक शुरू हो सकती है हेलीकॉप्टर सेवा
यात्रा में अहम रोल निभाने वाला पिथौरागढ़ जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है. जिलाधिकारी पिथौरागढ़ सी रविशंकर के मुताबिक कैलाश यात्रा उनकी प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए ट्रैकिंग रूट को सही करने के लिए बीआओ लगी है. जिनके काम की जिला प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें. इसके साथ ही धारचूला से बूंदी तक हेलीकॉप्टर सेवा पर भी विचार हो रहा है. यदि ये हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होती है तो काफी वक्त भी बचेगा.

इस बार हो रही नई शुरुआत, हर पड़ाव पर लग रहे हैं शिकायत प्रकोष्ठ
इस वर्ष पहली बार यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए हर पड़ाव पर शिकायत प्रकोष्ठ लगाए जाएंगे. जिसमें यात्री अपनी असुविधाओं व सुझावों को साझा कर पाएंगे और इनका समाधान भी किया जाएगा. डीएम सी रविशंकर के मुताबिक इस वर्ष 100 फीसदी शिकायत फ्री और सुगम व सुरक्षित यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.