राष्ट्रीय पक्षी मोर की हत्या कर खाने की फिराक में थे आरोपी, पुलिस और वन विभाग को लगी खबर तो हुए फरार

DFO ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग मोर को मारकर अपने घर ले गए हैं और खाने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में पुलिस की टीम के साथ कार्रवाई की गई.

राष्ट्रीय पक्षी मोर की हत्या कर खाने की फिराक में थे आरोपी, पुलिस और वन विभाग को लगी खबर तो हुए फरार
संसदीय कानून 'भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972' के तहत मोर को सुरक्षा प्रदान की गई है.

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में राष्ट्रीय पक्षी की हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि मोर को मारने के बाद आरोपी उसे खाने की फिराक में थे. लेकिन पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे मोर के हत्यारे भाग खड़े हुए. मामला थाना रामकोट के इस्माइलपुर का है, जहां DFO ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग मोर को मारकर अपने घर ले गए हैं और खाने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में पुलिस की टीम के साथ कार्रवाई की गई.

DFO ने जानकारी दी कि मोर की हत्या करने के आरोप में रामकोट थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है. आरोपी तो मौके से भाग निकले लेकिन घर को सीज कर दिया गया है. जल्द फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी. बता दें कि भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत राष्ट्रीय पक्षी मोर को सुरक्षा प्रदान की गई है. इन्हें मारने पर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है.

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राष्ट्रीय पक्षी मोर पर कुछ बिंदु
1. भारत सरकार ने 26 जनवरी 1963 को मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया.
2. संसदीय कानून 'भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972' के तहत मोर को सुरक्षा प्रदान की गई है.
3. इंडियन वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 के तहत मोर या किसी भी पक्षी को मारने पर 7 साल की सजा का प्रावधान है.

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