UP: फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में कुत्ता का निवाला बना नवजात, हुई मौत

परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन थियेटर में बच्चे को कुत्ते ने नोंच कर मार डाला. जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चा मृत पैदा हुआ था. 

UP: फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में कुत्ता का निवाला बना नवजात, हुई मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर

अरुण सिंह/फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद के अस्पतालों में डॉक्टरों और प्रशासन की लापरवाही की घटना आम है. इन सबके बीच फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित आकाश गंगा अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. दावा किया गया है कि आकाश गंगा अस्पताल में एक बच्चे को ऑपरेशन थियेटर में कुत्ते ने नोंच कर मार डाला. दरअसल, नगला दीना भोलेपुर के रहने वाले रवि कुमार बाथम ने अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए आकाश गंगा अस्पताल में भर्ती कराया था. जहां रवि की पत्नी कंचन ने बच्चे को जन्म दिया था. 

परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन थियेटर में बच्चे को कुत्ते ने नोंच कर मार डाला. जबकि अस्पताल प्रशासन ने बताया था कि बच्चा मृत पैदा हुआ था. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली फर्रुखाबाद में तहरीर दी है. वहीं, मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि कुत्ते ने बच्चे को नोंच कर बुरी तरह घायल कर दिया था. बच्चा पूरी तरह से खून में लथपथ था और उसी ने कुत्ते को वहां से भगा कर ऑपरेशन थियेटर का गेट लगाया था. 

वहीं, मृत नवजात के पिता का कहना है कि वह ऑपरेशन थियेटर के बाहर बैठा था. इसी दौरान अचानक एक कुत्ता बच्चे को लेकर निकला. शोर मचाने पर अंदर से निकले एक व्यक्ति ने उस बच्चे को कुत्ते के मुंह से छुड़ाया. तब तक बच्चे के शरीर का काफी हिस्सा कुत्ते का निवाला बन चुके थे. उसके बाद जब हमने अपने बच्चे की जानकारी की तो, अस्पताल प्रशासन ने कह दिया कि बच्चा जन्म के दौरान मरा पैदा हुआ था.

वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो, वह ऑपरेशन थियेटर के बाहर बैठे थे. इसी दौरान एक आवारा कुत्ता ऑपरेशन थियेटर से एक बच्चे को लेकर निकला. शोर मचाने पर अंदर से निकले एक व्यक्ति ने उस नवजात बच्चे को कुत्ते के मुंह से छुड़ाया और अंदर ले गया. इतना नहीं उसके बाद भी कुत्ता ऑपरेशन थियेटर के इर्द-गिर्द घूमता रहा था.

इस मामले पर आईएमए के सदस्य डॉक्टर केएम द्विवेदी का कहना है कि यह घटना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसे 70 से 80 अस्पताल चल रहे हैं, जिनमें कोई डॉक्टर नहीं है. उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में करीब 40 आवास विकास से मशीनी रोड तक संचालित हैं.