खुद को बताया इनकम टैक्स कर्मचारी और उड़ा ले गए 22 लाख की चांदी, 2 होमगार्ड गिरफ्त में

नोएडा जोन के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने जानकारी दी है कि आरोपियों की पहचान विक्रांत सिंह और लोकेंद्र कुमार के रूप में हुई है.

खुद को बताया इनकम टैक्स कर्मचारी और उड़ा ले गए 22 लाख की चांदी, 2 होमगार्ड गिरफ्त में
सांकेतिक तस्वीर

गौतमबुद्ध नगर: बीते बुधवार को नोएडा एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर 93 के सामने लूट का मामला सामने आया था. इस दौरान एक कारोबारी के ड्राइवर से 2 आरोपियों ने पुलिसकर्मी बनने की एक्टिंग कर 30 किलो चांदी की सिल्ली ठग ली थी. इसके बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी. अब पुलिस को इस मामले में सफलता मिल गई है. जांच में पता चला है कि इस वारदात को नोएडा में ही तैनात 2 होमगार्ड ने अंजाम दिया है. थाना सेक्टर 39 पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक होमगार्ड समेत तीन लोगों को मेरठ के लखवाया गांव से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चांदी की सिल्ली और वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है.  बता दें, बरामद की गई चांदी की सिल्ली की कीमत 22 लाख रुपये बताई जा रही है.

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तीसरे आरोपी का नहीं मिला सुराग
नोएडा जोन के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने जानकारी दी है कि आरोपियों की पहचान विक्रांत सिंह और लोकेंद्र कुमार के रूप में हुई है. विक्रांत हापुड़ जिले का और लोकेंद्र मोदीनगर गाजियाबाद का निवासी है. फिलहाल उमेश नाम का आरोपी अभी फरार चल रहा है. उमेश और विक्रांत होमगार्ड हैं. जानकारी के मुताबिक, विक्रांत सेक्टर-20 में तैनात था और उमेश की नियुक्ति थाना एक्सप्रेस-वे पर हुई थी. आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर ट्रक, ऑटो और सामान से भरी गाड़ियों से वसूली करने की बात कबूली है.

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खुद को सरकारी विभाग का बता करते थे लूट
आरोपी विक्रांत ने गिरफ्त में आने के बाद खुलासा किया कि वह और उसका साथी होमगार्ड की ड्यूटी करने के बाद रोज रात अपने घर चले जाते थे. अगले दिन सुबह ड्यूटी से पहले ही दोनों नोएडा आते थे और सुबह-सुबह एक्सप्रेस-वे पर आती-जाती गाड़ियों को रोक कर खुद को सरकारी विभाग का बताते थे और फिर ड्राइवर से उसका माल वसूल लेते थे. ऐसे में अगर ड्राइवर या गाड़ी में बैठे लोग पैसा नहीं दे पाते थे, तो उन्हें सरकारी विभाग का धौंस दे कर उनका सामान लूट कर चले जाते थे.

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15 लाख में बेचने वाले थे चांदी की सिल्ली
ऐसे ही बीती 13 जनवरी को भी दोनों ने यही किया. उस दिन महामाया फ्लाई ओवर के पास एक सफेद रंग की डस्टर दिल्ली से परी चौक जा रही थी. दोनों आरोपियों ने उस गाड़ी को ओवरटेक कर रोका और प्लान के मुताबिक खुद को सरकारी विभाग का बताते हुए गाड़ी चेक करना शुरू कर दी. चेकिंग में उन्हें भारी मात्रा में चांदी की सिल्लियां मिलीं. आरोपियों ने उनमें से एक चांदी की सिल्ली उठाई और चलते बने. इसके बाद दोनों ने पुराने साथी की मदद से शौकिन्दर नामक सुनार के पास जाकर उसको पूरी कहानी बताई और चांदी की सिल्ली को 15 लाख में बेचने का सौदा कर लिया.

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