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अब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने खुद को बताया राम का वंशज

नरेश टिकैत का कहना है कि असली राम के वंशज बालियान खाप है, जिनका गोत्र रघुवंशी है और यहां उनके 84 गांव हैं जिसके वह मुखिया हैं. 

अब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने खुद को बताया राम का वंशज
देश में खुद को राम के वंशज कहने वाले एक के बाद एक कई परिवार सामने आ रहे हैं..

अंकित मित्तल. मुजफ्फरनगर: एक ओर जहां श्री राम जन्मभूमि भूमि मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, वहीं देश में खुद को राम के वंशज कहने वाले एक के बाद एक कई परिवार सामने आ रहे हैं. मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बालियान खाप (रघुवंशी गोत्र) के मुखिया नरेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता बुलाते हुए खुद को राम का वंशज बताया है. उनका कहना है कि असली राम के वंशज बालियान खाप है, जिनका गोत्र रघुवंशी है और यहां उनके 84 गांव हैं जिसके वह मुखिया हैं. 

बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि राम जन्मभूमि का जो विवाद है, इसमें भी हमने बताया कि हम भी कम से कम अपना पक्ष रखें कि रामचंद्र जी के वंशज हम हैं इसलिए हमारा गोत्र भी रघुवंशी हैं. यंहा हमारे रघुवंशियों के 84 गांव है. हमने भी यह सोचा कि हमारे द्वारा भी क्यों ना इस बात को पेश किया जाए माननीय सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा चल रहा है. जो इसमें बल मिलेगा इसलिए हमारी भी बात वहां तक पहुंचाई जाय जिस वजह से आज हम यहां इकट्ठे हुए हैं. पत्रकारों द्वारा इस बात का सबूत पूछने पर उन्होंने कहा कि सुबूत तो हमारा रघुवंशी गोत्र है.
 
टिकैत ने कहा, "यहां 84 गांव रघुवंशीयों के हैं. यंहा का एक भी बच्चा यह नहीं कहेगा कि हम राम के वंशज नहीं है और हमारे भाट हैं. सर्व खाप मंत्री हैं, वंशावली है और भी बहुत रिकॉर्ड हैं अगर दिखाने की बात आएंगे तो हम दिखा भी देंगे." 

 

उन्होंने कहा, "अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद तो हमारे घर का मामला है. इसे क्यों हम नहीं सुलझा सकते? मस्जिद की बात है तो थोड़ी बहुत जगह मस्जिद को दे देनी चाहिए.बस थोड़ा सा यह है कि एक जगह दोनों चीज हो जाती है तो यह मुमकिन नहीं है. बात समझाने की यही तो है. वैसे तो सुप्रीम कोर्ट सही करेंगे. बात मंदिर का सबूत है जो वहां से खुदाई हुई है. मंदिर के सबूत हैं मस्जिद का वहां कोई सबूत नहीं है. किसी जमाने में कोई ताकतवर शासक आया होगा. इतिहास भी गवाह है इस चीज का. मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई. आज कई 100 साल बाद यह बात उठी है. मंदिर बना दिया जाए जब वहां मस्जिद के कोई सबूत नहीं है."