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सुनवाई से पहले बोले महंत धर्मदास, 'अयोध्या मामले पर कोर्ट को ही करना होगा समझौता'

उन्होंने कहा कि इस पर सालों से राजनीति हो रही है, लेकिन अब राजनीति नहीं फैसला होना चाहिए. उन्होंने कहा देश की जनता की अब यही मांग की है सुप्रीम कोर्ट इस दिशा में फैसला दें. 

सुनवाई से पहले बोले महंत धर्मदास, 'अयोध्या मामले पर कोर्ट को ही करना होगा समझौता'
हिन्दू पक्षकार महंत धर्मदास की फाइल फोटो.

अयोध्या: अयोध्‍या भूमि विवाद मामले की सुनवाई गुरुवार (18 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में होनी है. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्‍या मामले पर 25 जुलाई से रोजाना सुनवाई को लेकर भी फैसला ले सकती है. सुनवाई से पहले हिन्दू पक्षकार महंत धर्मदास का बड़ा बयान आया है. उन्होंने दो टूक कहा कि अब इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और जल्द फैसला होना चाहिए. 

सुलह-समझौता कोर्ट को ही करना है
हिन्दू पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि सुलह-समझौता कोई खराब चीज नहीं है. इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है. सुलह और समझौता कोर्ट को ही करना है. इसलिए कोर्ट इस केस पर जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाना चाहिए. 

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जल्द से जल्द बनें राम मंदिर
उन्होंने कहा कि हम सब चाहते हैं कि राम मंदिर जल्द से जल्द बनें. इस पर सालों से राजनीति हो रही है, लेकिन अब राजनीति नहीं फैसला होना चाहिए. उन्होंने कहा देश की जनता की अब यही मांग की है सुप्रीम कोर्ट इस दिशा में फैसला दें. 

आज सुबह 10:30 बजे होगी सुनवाई
अयोध्‍या भूमि विवाद की सुनवाई आज सुबह 10:30 बजे सीजेआई रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली संविधान पीठ करेगी. पिछली सुनवाई में हिन्दू पक्षकार गोपाल विशारद के वकील परासरन ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की तारीख तय करने की मांग की थी और कहा था कि अगर कोई समझोता हो भी जाता है, तो उसे कोर्ट की मंजूरी जरूरी है.

मुस्लिम पक्षकारों की ओर से राजीव धवन ने विरोध किया था और उन्होंने कहा था कि ये मध्यस्थता प्रकिया की आलोचना करने का वक़्त नहीं है. राजीव धवन ने मध्यस्थता प्रकिया पर सवाल उठाने वाली अर्जी को खारिज करने की मांग की थी. लेकिन निर्मोही अखाड़ा ने गोपाल सिंह की याचिका का समर्थन किया था और कहा था कि मध्यस्थता प्रकिया सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रही है.