पीस पार्टी अध्यक्ष डॉ अयूब पर लगा NSA, विवादित विज्ञापन मामले में हुई थी गिरफ्तारी

लखनऊ पुलिस ने बीते 1 अगस्त को पीस पार्टी अध्यक्ष को गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर हिरासत में लिया था. उन पर उर्दू अखबारों में संविधान विरोधी विज्ञापन छपवाने के आरोप लगे हैं.

पीस पार्टी अध्यक्ष डॉ अयूब पर लगा NSA, विवादित विज्ञापन मामले में हुई थी गिरफ्तारी
पीस पार्टी अध्यक्ष डॉ अयूब. (File Photo)

लखनऊ: पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर अयूब पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Act-1980) के तहत कार्रवाई की गई है. लखनऊ के उर्दू अखबारों में संविधान विरोधी विज्ञापन छपवाने के आरोप में डॉ अयूब लखनऊ जेल में बंद हैं. आरोप है कि इस विज्ञापन में डॉक्टर अयूब ने देश विरोधी और समाज को तोड़ने वाली बातें कही थीं.

उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. लखनऊ पुलिस ने बीते 1 अगस्त को पीस पार्टी अध्यक्ष को गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर हिरासत में लिया था. डॉ अयूब के विवादित विज्ञापन छपवाने के मामले में लखनऊ पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट एक दिन पहले ही सरकार को सौंपी थी.

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शासन ने सोमवार को पीस पार्टी अध्यक्ष डॉ अयूब पर रासुका लगाने की अनुमति दे दी. लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की तरफ से डॉ अयूब पर रासुका लगाया गया है. गौरतलब है कि डॉक्टर अयूब की पीस पार्टी ने कुछ दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर काशी-मथुरा मामले में खुद को पार्टी बनाए जाने की मांग की थी.

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून?
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 (NSA), देश की सुरक्षा के संबंध में सरकारों को कुछ विशेष शक्तियां देने से संबंधित कानून है. यह कानून केंद्र और राज्य सरकारों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेने की शक्ति देता है. यह एक्ट 23 सितंबर, 1980 में इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान बना था.

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