सीएम योगी के बयान से विपक्ष नाराज, सदन में काली पट्टी बांधकर पहुंचे और किया हंगामा

हंगामा बढ़ने पर सभापति ने परिषद की कार्यवाही तीन बार स्थगित की. बाद में फिर इस मुद्दे पर चर्चा हुई. 

सीएम योगी के बयान से विपक्ष नाराज, सदन में काली पट्टी बांधकर पहुंचे और किया हंगामा
फाइल फोटो

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभद्र भाषा का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने आज विधान परिषद में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और हंगामा किया. सपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री अभी गोरखपुर, फूलपुर, कैराना और नूरपुर की हार नहीं पचा पाए हैं. यही वजह है कि वह इस तरह की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. विधान परिषद में सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्य काली पट्टी बांधकर आए थे. सपा ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस भाषा का प्रयोग किया, वह अमर्यादित है. 

हंगामा बढ़ने पर सभापति ने परिषद की कार्यवाही तीन बार स्थगित की. बाद में फिर इस मुद्दे पर चर्चा हुई. नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि अखिलेश यादव भी पांच साल मुख्यमंत्री रहे लेकिन उनका शालीन व्यवहार आज भी सबके लिए उदाहरण है. आज स्थिति यह है कि धमकी दी जा रही है और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. विपक्ष के लिए सांप और छछूंदर जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है.

विपक्ष का आरोप: असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं मुख्यमंत्री योगी

इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि हकीकत यह है कि इसी सदन में विपक्षी सदस्य कई बार असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं. 'अगड़ों की सरकार नहीं चलेगी' जैसे जातिसूचक नारे लगाए जाते हैं. मुख्यमंत्री ने तो दो विपरीत प्रवृतियों और विचारधाराओं की बात की थी. किसी व्यक्ति की तुलना नहीं की.

सपा के पारसनाथ यादव ने कहा कि 'योगी' होने के बावजूद सदन में मुख्यमंत्री का ऐसा वक्तव्य दर्शाता है कि उनमें अनुभव की कमी है. कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि राजनीतिक दलों और लोगों की तुलना जानवरों से की गयी. यह अच्छी बात नहीं है और असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा देना चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री ने कई बार तुलनाएं कीं लेकिन किसी का नाम नहीं लिया.

सीएम योगी ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पर बोलते हुए कहा था, 'प्रदेश की आज की कानून व्यवस्था पर जो प्रश्न खड़ा कर रहा है. मुझे लगता है कि उसे किसी नयी दृष्टि की आवश्यकता है. इसे हम दृष्टिदोष कह सकते हैं.' उन्होंने कहा, '16 महीने में उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ. प्रदेश में अब निवेश आ रहा है. फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट किया था. पहले लोग हंसते थे क्योंकि प्रदेश की ऐसी तस्वीर बना दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी है. आज देश और दुनिया का हर उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश का इच्छुक दिखायी दे रहा है.' 

(इनपुट-भाषा से भी)