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उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज, Article-370 को भुनाने में जुटी BJP

Panchayat Elections: दरअसल, इस बार मुद्दा ग्रामीण विकास से अलग हटकर आर्टिकल-370 है. बीजेपी प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव में भी धारा 370 का मुद्दा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनता के बीच लेकर जा रही है. 

उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज, Article-370 को भुनाने में जुटी BJP
उत्तराखंड (Uttarakhand) के पंचायत चुनाव बड़े दिलचस्प होने जा रहे हैं.

देहरादून: राज्य में पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) की सरगर्मियां तेज हो गई है. इस बार बीजेपी (BJP) पंचायत चुनाव में भी जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से आर्टिकल-370 (Article 370) हटाए जाने के मुद्दे को भी जनता के बीच लेकर जा रही है, जिसको लेकर अब सियासत भी गरमा गई है. प्रदेश में पंचायत चुनाव सिर पर हैं, किसी भी वक्त पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है, लेकिन इस बार उत्तराखंड (Uttarakhand) के पंचायत चुनाव बड़े दिलचस्प होने जा रहे हैं. 

दरअसल, इस बार मुद्दा ग्रामीण विकास से अलग हटकर आर्टिकल-370 है. बीजेपी प्रदेश में होने जा रहे पंचायत चुनाव में भी धारा 370 का मुद्दा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनता के बीच लेकर जा रही है. 

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉक्टर देवेंद्र भसीन का कहना है कि आर्टिकल-370 को लेकर विपक्ष कई तरह के भ्रम फैला रहा है और यहां तक कि पाकिस्तान की भाषा बोलता नजर आ रहा है. ऐेसे में बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ ही बुद्धिजीवी वर्ग को यह समझाने की कोशिश करेगी कि आखिर जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाया जाना क्यों जरुरी था और उसके क्या फायदे हैं.

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आर्टिकल 370 एक ऐसा मुद्दा है, जिसे कांग्रेस से न उगलते बन रहा है और न ही निगलते बन रहा है. वह बीजेपी पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा लेने का आरोप तो लगा रही है. लेकिन साथ ही इस मुद्दे पर साथ खड़े रहने का दम भी भर रही है. 

दोनों ही सियासी दल ये भी बखूबी जानते हैं कि कश्मीर से धारा 370 को हटाई जाना कितना बड़ा मुद्दा है और इसके दूरगामी नतीजे क्या क्या हो सकते हैं. ये ही वजह है कि इससे पहले विपक्ष जनता के बीच कोई और भ्रम फैलाए बीजेपी गांव-गांव, घर-घर यहां तक कि हर व्यक्ति को आर्टिकल 370 और 35-ए को लेकर जागरुक करना चाहती है.