नैनीताल: चाइना पीक पर भूस्खलन से दहशत में लोग, प्रशासन से की ये मांग

बुधवार शाम करीब साढ़े 5 बजे चाइना पीक से पत्थर बोल्डर गिरने की तेज आवाज आने से हंस निवास, चीना हाउस, मेलरोज कम्पाउंड के लोग घरों से बाहर निकल आये.

नैनीताल: चाइना पीक पर भूस्खलन से दहशत में लोग, प्रशासन से की ये मांग
पेड़ों की वजह से चाइना पीक की पहाड़ी से मलबा सड़क तक नहीं आ पाया.

नैनीताल: करीब 30 सालों से शांत रही नैनीताल की चाइना पीक की पहाड़ी में बुधवार शाम भूस्खलन होने से दहशत फैल गई. हालांकि, पेड़ों की वजह से चाइना पीक की पहाड़ी से मलबा सड़क तक नहीं आ पाया.

जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब साढ़े 5 बजे चाइना पीक से पत्थर बोल्डर गिरने की तेज आवाज आने से हंस निवास, चीना हाउस, मेलरोज कम्पाउंड के लोग घरों से बाहर निकल आये. चाइना पीक की बीच वाली पहाड़ी से हुए इस भूस्खलन का मलबा काफी नीचे तक आ पाया. लेकिन रुक रुककर पत्थर गिरने से लोग डरे हुए हैं. क्षेत्र की सभासद दया सुयाल ने प्रशासन से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है.

दरअसल, चाइना पीक की पहाड़ी 1990 के आसपास तक नैनीताल के लिए खतरा बनी हुई थी. उसके बाद वन विभाग, लोनिवि ने इस पहाड़ी में सुरक्षा दीवारें बनाई. साथ ही बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर तारबाड़ कराई गई. जिसके बाद इस पहाड़ी से भूस्खलन काफी हद तक रूक गया. लेकिन इस बीच बारिश और बर्फबारी से एक बार फिर भूस्खलन होना क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है. इस क्षेत्र में पिछले 10-15 साल से बड़े स्तर पर मकान बन गए हैं. यहां तक कि बिल्डरों ने पॉलिटेक्निक कॉलेज से सैनिक स्कूल तक फ्लैट निर्माण कर बेच दिए गए हैं.

सबसे ऊंची चोटी है चाइना पीक
नैनीताल के आस पास के इलाकों में सबसे ऊंची चोटी चाइना पीक है. चाइना पीक की ऊंचाई 8622 फीट है. जहां से पूरा नैनीताल और झील का मैंगो शेप दिखाई देता है. चाइना पीक 90 डिग्री पर सीधा खड़ा है जो नैनीताल के लिए हमेशा खतरा बना रहता है. भूस्खलन से अभी किसी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन खतरा बना हुआ है.