Advertisement
trendingPhotos/india/up-uttarakhand/uputtarakhand2999119
Zee UP-UttarakhandPhotosइंडस्ट्रियल हब बनेगा यूपी का ये जिला, औद्योगिक गलियारा का होगा निर्माण, रोजगार के साथ कारोबार को मिलेगी रफ्तार
photoDetails0hindi

इंडस्ट्रियल हब बनेगा यूपी का ये जिला, औद्योगिक गलियारा का होगा निर्माण, रोजगार के साथ कारोबार को मिलेगी रफ्तार

Barabanki Industrial Corridor: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे बाराबंकी जिले में औद्योगिक गलियारे का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका ऐलान किया है. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण होने से जिले के विकास को रफ्तार मिलेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

बाराबंकी में बनेगा औद्योगिक गलियारा

1/6
बाराबंकी में बनेगा औद्योगिक गलियारा

यूपी के बाराबंकी जिले में औद्योगिक गलियारे का निर्माण किया जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसका ऐलान किया. सीएम योगी ने जिले को करीब 1734 करोड़ की 254 परियोजनाओं का तोहफा दिया. इसी दौरान इंडस्ट्रियल हब बनान का वादा किया.

 

क्या है योजना?

2/6
क्या है योजना?

बता दें कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का बाराबंकी जिले में करीब 40 किलोमीटर का दायरा है. इसमें रामसनेही घाट में 232 एकट का औद्योगिक गलियारा और हैदरगढ़ में 220 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की योजना है.

 

कहां बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

3/6
कहां बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण बाराबंकी जिले में रामसनेही घाट तहसील के कंदई गांव में किया जाएगा.  करीब 232 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किए जाने की योजना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह औद्योगिक क्षेत्र  बाराबंकी के आर्थिक भविष्य को बदलने वाला होगा.

 

विकास को रफ्तार

4/6
विकास को रफ्तार

इस औद्योगिक गलियारा का निर्माण होने से बाराबंकी के विकास को रफ्तार मिलेगी. इंडस्ट्रियल हब बनने से उद्योग और खेती दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. जिले के आसपास के इलाकों में निवेश और रोजगार के नए मौके मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर किसान और इंडस्ट्री के लिए इन्वेस्टमेंट एक साथ आएगा तो यहां की आमदनी भी बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

 

तैयारियां हुईं तेज

5/6
तैयारियां हुईं तेज

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इंडस्ट्रियल एरिया का निर्माण करने के तैयारियां तेज हो गई हैं. जमीन चिन्हित करने, सीमांकन, आवंटन और लेआउट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा. कहा जा रहा है कि छोटे और मध्यम उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी.

 

डिस्क्लेमर

6/6
डिस्क्लेमर

लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.