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बर्फबारी के बावजूद बद्रीनाथ धाम में नहीं कम हो रही श्रद्धालुओं की संख्या

विजयदशमी पर्व पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाने का मुहुर्त तय होने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या मे कमी आने लगती है.

बर्फबारी के बावजूद बद्रीनाथ धाम में नहीं कम हो रही श्रद्धालुओं की संख्या
बद्रीनाथ धाम में निवासरत पंडा समाज के लोग कार्तिक मास में वर्ष 1990 के बाद इतनी भीड़ देखने की बात कह रहे हैं.

पुष्कर चौधरी/चमोली: बद्रीनाथ धाम में भक्तों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्तिक मास में जेठ मास जैसा तीर्थयात्रियों का सैलाब नजर आ रहा है. इससे पहले वर्ष 1990 में कार्तिक मास में तीर्थयात्रियों की इतनी भीड़ लगी थी. भू-वैकुंठ धाम बद्रीनाथ धाम में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या का रिकार्ड टूट गया है. कपाट बंद होने से एक महीने पहले ही बद्रीनाथ पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा साढ़े ग्यारह लाख को पार कर गया है. इन सबके बीच चौंकाने वाली बात ये है कि कार्तिक मास में तीर्थयात्रियों का जो सैलाब उमड़ रहा है, उसे देख बद्रीनाथ वासी भी हैरत में हैं.

दरअसल, कार्तिक मास मे गंगा स्नान के साथ पवित्र धार्मिक स्थलों में पहुंचकर स्नान का काफी महत्व है. वहीं, कार्तिक स्नान के लिए भी तीर्थयात्रियों का इतनी संख्या मे पहुंचना सबको अचंभित कर रहा हैं. यहां प्रतिदिन 6 से 7 हजार तक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. कड़ाके की ठंड में मंदिर के सिंहद्वार से लेकर ब्रह्मकपाल तक तीर्थयात्रियों की लाइन लगी है. यात्री पंक्तिबद्ध होकर भगवान नारायण के दर्शन के साथ ही पिंड दान कर रहे हैं.

इस वर्ष बद्रीनाथ एवं केदारनाथ दोनों धामों में रिकार्ड तीर्थयात्री आ चुके हैं. विजयदशमी पर्व पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाने का मुहुर्त तय होने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या मे कमी आने लगती है. इस दौरान बद्रीनाथ मे व्यवसाय करने वाले और पंडा समाज के लोग भी धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर निकलने लगते हैं. लेकिन, इस बार कार्तिक मास लगते ही तीर्थयात्रियों की संख्या मे अचानक वृद्धि होने लगी है, जो बदस्तूर जारी है.

बद्रीनाथ धाम में निवासरत पंडा समाज के लोग कार्तिक मास में वर्ष 1990 के बाद इतनी भीड़ देखने की बात कह रहे हैं. बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि वे अपने जीवन मे पहली बार कार्तिक मास मे तीर्थयात्रियों की इतनी संख्या देख रहे हैं.
धर्माधिकारी उनियाल ने बताया कि कार्तिक मास लगने से पूर्व ही तीर्थयात्रियों का आवागमन बढ़ गया था. भगवान नारायण की पूजाएं-महाभिषेक, अभिषेक के साथ दोपहर व रात्रि की सभी पूजाओं की बुकिंग फुल चल रही है. आचार्य उनियाल के अनुसार, सितंबर मास में लामबगड़ के कारण जो यात्रियों की संख्या में कमी हो गई थी, वो कार्तिक मास में पूरी हो रही है.