चारधाम यात्रा: केदारनाथ से लेकर बद्रीनाथ के तीर्थ पुरोहित नाराज, आंदोलन की दी चेतावनी

तीर्थ पुरोहितों ने चारधाम यात्रा के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि देवस्थानम बोर्ड ने अगर अपना फैसला वापस नहीं लिया तो चारों धाम में आंदोलन होगा और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.

चारधाम यात्रा: केदारनाथ से लेकर बद्रीनाथ के तीर्थ पुरोहित नाराज, आंदोलन की दी चेतावनी
फाइल फोटो.

रुद्रप्रयाग: देवस्थानम बोर्ड के उत्तराखंड वासियों के लिए एक जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने के फैसले का विरोध जारी है. केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों के साथ-साथ बद्रीनाथ स्थित मोक्ष धाम (ब्रह्मकपाल) के तीर्थ पुरोहितों ने देवस्थानम बोर्ड के फैसले पर नाराजगी जताई है.

केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि कोरोना संकट के मद्देनजर यात्रा शुरू करना खतरे से खाली नहीं है. साथ ही अगर श्रद्धालुओं को मंदिर के गर्भगृह के दर्शन की अनुमति नहीं होगी तो यात्रा का औचित्य नहीं रह जाएगा. तीर्थ पुरोहितों ने चारधाम यात्रा के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि देवस्थानम बोर्ड ने अगर अपना फैसला वापस नहीं लिया तो चारों धाम में आंदोलन होगा और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.

बद्रीनाथ में भी तीर्थ पुरोहित नाराज
उधर, टेली कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बद्रीनाथ के तीर्थ पुरोहितों की बैठक में फैसला लिया गया है कि ब्रह्मकपाल मोक्ष धाम में तीर्थ पुरोहित श्राद्ध संबंधी कोई भी कार्य नहीं करेंगे. तीर्थ पुरोहितों ने फिर कहा वो देवस्थानम बोर्ड के निर्णय मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि पिंडदान, तर्पण एवं हवन आदि कार्य संपादित नहीं किए जाएंगे. यह भी निर्णय लिया गया जब तक स्थितियां सामान्य नहीं होती हैं तब तक मोक्ष धाम में श्राद्ध संबंधी कार्य किया जाना संभव नहीं होगा.

व्यापारी खुश, बद्रीनाथ में जिला प्रशासन ने तैयारियां की पूरी
हालांकि, केदारनाथ के स्थानीय व्यापारी चाराधाम यात्रा शुरू होने का समर्थन कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे उन्हें रोजगार मिलेगा. वहीं, चारधाम यात्रा को देखते हुए बद्रीनाथ धाम में खास तरह के इंतेजाम किए गए हैं. सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए बद्रीनाथ मंदिर के पास श्रद्धालुओं की कतार के लिए मार्किंग की गई है. लामबगड़ में भी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए टोकन की व्यवस्था की गई है.

DM चमोली स्वाति एस. भदौरिया के मुताबिक बदरीनाथ धाम में 500 से 600 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. लेकिन,प्रशासन कोशिश करेगा कि कम लोग ही वहां रुकें. डीएम का कहना है कि ज्यादा यात्रियों को पांडुकेश्वर और जोशीमठ में रुकवाया जाएगा.

(रुद्रप्रयाग से हरेंद्र नेगी और चमोली से पुष्कर चौधरी)