कैदियों की बनाई राखियों पर इस बार 'राफेल' और 'मास्क' के साथ देश और समाज को संदेश

पीलीभीत की लोकल मार्केट में पीलीभीत जेल की बनी राखियां ही धूम मचा रही हैं. रक्षाबंधन के त्यौहार पर पीलीभीत जेल द्वारा बनाई गई राखियां लोगों के मन को भा रही हैं.

कैदियों की बनाई राखियों पर इस बार 'राफेल' और 'मास्क' के साथ देश और समाज को संदेश
सांकेतिक तस्वीर

पीलीभीत: रक्षा बंधन पर पीलीभीत जेल के बंदियों ने अलग-अलग थीम की राखियां बनाई हैं. इनकी राखियों पर सामाजिक संदेश और देशभक्ति का भाव भी दिखाई दे रहा है. फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप भारत पहुंच चुकी है और  पूरे देश में राफेल को लेकर चर्चा है. ऐसे में इन कैदियों ने राफेल वाली राखियां भी बनाई हैं. जबकि कोरोना वायरस से बचने का संदेश लिए मास्क वाली राखियां भी कैदियों ने बनाई हैं. 

जेल में बनी राखियों की बाजार में धूम 
कोरोना काल के चलते इस बार जेल में बंद भाइयों की मुलाकात अपनी बहनों से नहीं हो पाएगी. हालांकि पीलीभीत की जेल में बंद कैदियों की बनाई राखियां जरूर बाजार तक पहुंच रही हैं. पीलीभीत की लोकल मार्केट में पीलीभीत जेल की बनी राखियां ही धूम मचा रही हैं. रक्षाबंधन के त्यौहार पर पीलीभीत जेल द्वारा बनाई गई राखियां लोगों के मन को भा रही हैं.

इसे भी देखिए: यही है वो 'जय श्रीराम वाला' अंगवस्त्र, जिसे पहनाकर अयोध्या में होगा प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत 

सामयिक मुद्दों पर आधारित हैं राखियां 
चीन से तनाव के बीच एक तरफ जनता जहां लोकल को वोकल बनाने का मन बना चुकी है, वहीं जेल की इन राखियों की कम कीमत भी ग्राहकों को लुभा रही हैं. पीलीभीत जेल में तैयार की जाने वाली राखी एकता का प्रतीक भी हैं. इसे जेल में हिन्दू-मुस्लिम दोनों कैदी मिलकर बना रहे हैं. कुल मिलाकर 14 लोग इस काम में लगे हैं जिसमें महिला कैदी भी हैं. अलग-अलग मुद्दों पर आधारित इन राखियों की कीमत सिर्फ 20 रुपये रखी गई है. 
पीलीभीत जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री ने जेल में कुछ नया करने की कोशिश में कैदियों से ये राखियां बनवाई हैं. जिन्हें बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है. इससे कैदियों का उत्साह भी बढ़ रहा है.  

WATCH LIVE TV