PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' को कोर्ट से हरी झंडी, याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना

जस्टिस एसपी केसरवानी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि निर्माण भले ही गंगा नदी के 200 मीटर के दायरे में हो रहा हो लेकिन जनहित को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा गठित कमिटी व अन्य विभागों ने निर्माण की अनुमति दी है.

PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' को कोर्ट से हरी झंडी, याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी.

मो. गुफरान/वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' को लेकर दायर अवमानना याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने याचिका को प्रायोजित बताते हुए उसे खारिज कर दिया और याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना भी लगाया. इससे पहले भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' से जुड़ी 7 याचिकाएं खारिज कर चुका है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता प्रदीप श्रीवास्तव समेत तीनों याचिकाकर्ताओं पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी कि गंगा तट से 200 मीटर के दायरे में किसी तरह के निर्माण पर रोक के बावजूद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत निर्माण कार्य हो रहे हैं. याचिकाकर्ताओं ने इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट के पुराने आदेश की अवमानना बताया था और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की थी.

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जस्टिस एसपी केसरवानी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि निर्माण भले ही गंगा नदी के 200 मीटर के दायरे में हो रहा हो लेकिन जनहित को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा गठित कमिटी व अन्य विभागों ने निर्माण की अनुमति दी है.

हाईकोर्ट ने माना की काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण कार्य से गंगा नदी में कोई प्रदूषण नहीं होगा. सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही निर्माण हो रहा है. अदालत ने माना कि अवमानना याचिका में याचिकाकर्ताओं ने इन तमाम तथ्यों को छिपाया है.

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