पीलीभीत: डेंगू को खौफ दिखाकर लोगों की कमाई लूट रहे हैं प्राइवेट डॉक्टर और पैथौलॉजी संचालक, नोटिस जारी

सीएमओ का कहना है कि मौसमी वायरल में भी प्लेटलेटस कम होना स्भाविक है. प्लेटलेटस कम होने से डेंगू नही होता. 

पीलीभीत: डेंगू को खौफ दिखाकर लोगों की कमाई लूट रहे हैं प्राइवेट डॉक्टर और पैथौलॉजी संचालक, नोटिस जारी
सीएमओ सीमा अग्रवाल का कहना है कि यदि किसी रक्त सैंपल में एनएस वन सक्रिय पाया जाता है या फिर प्लेटलेटस कम हैं तो, उस मरीज में डेंगू की पुष्टि नही होती.

मोहम्मद तारिक/पीलीभीत: पीलीभीत में प्राइवेट डॉक्टर व पैथौलोजी संचालक लोगों में डेंगू का भय दिखाकर मोटी कमाई कर रहे हैं. सीएमओ ने कई पैथोलोजी संचालको को नोटिस दिया है. प्राइवेट डॉक्टर यदि किसी मरीज के खून में एनएस वन पॉजिटिव पा रहे हैं तो, उसे ही डेंगू घोषित कर मरीजों से इलाज के नाम पर हजारों रूपये ऐंठ रहे हैं.

पीलीभीत में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच निजी अस्पताल व पैथोलोजी सेंटर का गठजोड़ सामने आया है. निजी पैथोलॉजी द्वारा दी जा रही जांच रिपोर्ट में अगर मरीज के खून में एनएस वन सक्रिय पाया जाता है और प्लेटलेटस कम आ रहे हैं तो, प्राइवेट डॉक्टर उसे ही डेंगू बताकर मरीजों में भय उत्पन्न कर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं. सीएमओ ने ऐसे आरोपी डॉक्टर व पैथोलाजी संचालको को नोटिस दिया है.

सीएमओ सीमा अग्रवाल का कहना है कि यदि किसी रक्त सैंपल में एनएस वन सक्रिय पाया जाता है या फिर प्लेटलेटस कम हैं तो, उस मरीज में डेंगू की पुष्टि नही होती. डेंगू की पुष्टि के लिए सैंपल का एलाइजा टेस्ट कराया जाता है. एलाइजा सक्रिय पाये जाने पर ही मरीज में डेंगू की पुष्टि होती है. वही, एलाइजा टेस्ट किसी भी प्राइवेट पैथोलॉजी में उपलब्ध नही है. सीएमओ ने प्राइवेट डॉक्टर को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी मरीज में एनएस वन सक्रिय है तो, उसका सैंपल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं. ताकि, उसका एलाइजा टेस्ट कराया जा सके.

इसके साथ ही सीएमओ का कहना है कि मौसमी वायरल में भी प्लेटलेटस कम होना स्भाविक है. प्लेटलेटस कम होने से डेंगू नही होता. आम बुखार में भी प्लेटलेटस कम हो जाते हैं. ऐसे में लोग डरे नही और सरकारी अस्पताल मे जांच कराएं.