बस विवाद: प्रियंका गांधी के निजी सचिव को हाई कोर्ट से राहत नहीं, 29 जून को अगली सुनवाई

बस विवाद में कांग्रेस की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय लल्लू की रिहाई तो हो चुकी है, लेकिन प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा.

बस विवाद: प्रियंका गांधी के निजी सचिव को हाई कोर्ट से राहत नहीं, 29 जून को अगली सुनवाई

लखनऊ: बस विवाद में कांग्रेस की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय लल्लू की रिहाई तो हो चुकी है, लेकिन प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा. शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बहस सुनने के बाद उन्हें कोई राहत नहीं दी. कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट भी तलब की है और अगली सुनवाई के लिए 29 जून की तारीख दे दी है.

संदीप पर प्रवासी श्रमिकों के लिए लगाई गईं एक हजार बसों की सूची में हेराफेरी के मामले में एफआईआर की गई थी. हालांकि 17 तारीख को उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पूरे 29 दिन बाद जेल से रिहा हो गए लेकिन संदीप सिंह को अभी भी जेल में ही रहना होगा. 

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क्या था मामला
प्रियंका गांधी ने 16 मई को ट्वीट कर कहा था कि हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई-बहन बिना खाए भूखे-प्यासे पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं. यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं. ऐसे में प्रिंयका ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी. पहले योगी सरकार ने इस मांग को ठुकरा दिया था, लेकिन बाद में स्वीकार कर लिया. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासन ने प्रियंका के कार्यालय से 1000 बसों और चालकों के विवरण की मांग की थी. 

यूपी सरकार का आरोप है कि बसों की लिस्ट में ऑटो, एंबुलेंस, बाइक के नंबर मिले थे. कुछ बसों के नंबर की पुष्टि ही नहीं हो पाई थी. जबकि कुछ बसों के नंबर चोरी के वाहन की होने की आशंका भी जाहिर की गई थी. इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी.