मेरठ पुलिस के विवादित वीडियो पर प्रियंका का ट्वीट- अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र नहीं

इस वीडियो में मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह दंगाइयों और उपद्रवियों से पाकिस्तान जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं. 

मेरठ पुलिस के विवादित वीडियो पर प्रियंका का ट्वीट- अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र नहीं

मेरठ: उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Bill) के विरोध कुछ दिनों पहले हिंसक प्रदर्शन हुए थे. फिलहाल यूपी में स्थिति पर पुलिस-प्रशासन ने काबू पा लिया है. इन सबके बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर मेरठ का एक वीडियो ट्वीट किया है. प्रियंका गांधी ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए यूपी पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं. इस वीडियो में मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह दंगाइयों और उपद्रवियों से पाकिस्तान जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं. 

प्रियंका गांधी ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं, तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर सांप्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है.

दरअसल, ये वीडियो सात दिन पुराना है. मौके पर कुछ उपद्रवी भारत विरोधी और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए पथराव कर रहे थे. उनका पीछा करते हुए पहुंचे एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने कहा था कि खाते यहां की हो, गाते वहां की हो, ऐसा ही है तो पाकिस्तान चले जाओ. वहीं, इस वीडियो के सामने आने के बाद यूपी पुलिस की ओर से सफाई भी दी गई है. मेरठ एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि ये वीडियो 20 दिसंबर का है. उस दौरान मेरठ में पत्थरबाजी और देशविरोधी नारेबाजी हुई थी. उन्होंने कहा कि मेरठ में हालात बेहद भयावह हो गए थे. वहां पाकिस्तान समर्थित नारे लगाए जा रहे थे.

इस मामले पर एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने भी अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि हमें सूचना मिली थी कि वहां बवाल हो सकता है. इस पर मैं और एडीएम सिटी वहां पर पहुंचे थे. इस दौरान वहां खड़े कुछ युवकों ने देशविरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए और भाग गए. मैंने स्थिति को संभालने के लिए ऐसा कहा था. किसी के साथ भी कोई अभद्रता नहीं की गई थी. पुलिस की ओर से सफाई में कहा गया है कि अब जब पूरे प्रदेश में शांति है. तब ये वीडियो कुछ लोगों की तरफ से जानबूझ कर घटना के कई दिनों बाद वायरल किया जा रहा है ताकि, दुबारा अशांति फैलाई जा सके.