पुलवामा हमला: शहीद अमित कोरी की मां बोलीं- बेटे के जाने का गम है, लेकिन गर्व भी है

शहीद अमित कोरी की मां उर्मिला बेटे को याद कर भावुक हो गईं. बोली, बेटा उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चला गया. आज एक साल हो गया है. बेटे के जाने का गम जिंदगी भर रहेगा, लेकिन उनका बेटा देश के काम आया, यह उनके लिए गर्व की बात है.

पुलवामा हमला: शहीद अमित कोरी की मां बोलीं- बेटे के जाने का गम है, लेकिन गर्व भी है

शामली: 14 फरवरी यानि आज से ठीक एक साल पूर्व जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में जनपद शामली के दो जवान प्रदीप कुमार और अमित कोरी शहीद हुए थे. शहीद हुए जवानों की शुक्रवार को पहली पुण्य तिथि मनाई गई. शहीद के परिजनों में अपने लाडलों को खोने का गम तो है, लेकिन देश के लिए बलिदान होने का गर्व उनके चेहरों पर झलकता है.

शहीद के परिजनों का कहना है कि सरकार की तरफ से दी मदद से संतुष्ट हैं. शहीद के परिजनों का कहना है कि, शहीद हुए बेटों के नाम पर गांव-कस्बों में इंटर कॉलेज की स्थापना होनी चाहिए. उसमें पढ़-लिखकर बच्चे देश की सेवा के लिए आगे आ सके.

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शहीद अमित कोरी की मां उर्मिला बेटे को याद कर भावुक हो गईं. बोली, बेटा उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चला गया. आज एक साल हो गया है. बेटे के जाने का गम जिंदगी भर रहेगा, लेकिन उनका बेटा देश के काम आया, यह उनके लिए गर्व की बात है.

शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के रेलपार निवासी अमित कोरी और बनत कस्बा निवासी प्रदीप कुमार पुलवामा में आंतकियो के हमले में शहीद हो गये थे. उनका कहना है कि आतंकवाद से निपटने के लिए और भी लड़के सेना में भर्ती हो रहे हैं जो पाकिस्तान और आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेंगे.