Pulwama Attack: शहीद को भगवान की तरह पूजते हैं यहां के लोग, पिता उतारते हैं रोज आरती

दो साल पहले आज ही के दिन कश्मीर (Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायीन आतंकी दस्ते ने सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हमला किया था. पुलवामा अटैक में यूपी के शामली के अमित के बलिदान के चलते परिवार के लोग शहीद को भगवान की तरह पूजते हैं. शहीद के पिता सुबह-शाम शहीद की आरती उतारते हैं. 

Pulwama Attack: शहीद को भगवान की तरह पूजते हैं यहां के लोग, पिता उतारते हैं रोज आरती

शामली/देवरिया: दो साल पहले आज ही के दिन कश्मीर (Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में जैश-ए-मोहम्मद के एक फिदायीन आतंकी दस्ते ने सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हमला किया था. जिसके बाद भारत ने पीओके (POK) में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया और जवानों का बदला सूद समेत वापस लिया था. आज पूरा देश इन शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है.

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शहीद के पिता रोज करते हैं शहीद की आरती
दो साल पहले हुए इस आत्मघाती हमले में यूपी के शामली जिले (Shamli District) के अमित कुमार कोरी और देवरिया जनपद के शहीद विजय मौर्य भी शहीद हुए थे. देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शामली के रहने वाले अमित कोरी (Amit Kori) की शहादत ने पूरे परिवार को गौरवान्वित किया. अमित के बलिदान के चलते परिवार के लोग शहीद को भगवान की तरह पूजते हैं. बेटे की शहादत के बाद उनका घर मंदिर बन गया है. घर के बाहर से गुजरने वाले लोग भी घर के बाहर माथा टेककर निकलते हैं. शहीद के पिता सुबह-शाम शहीद की आरती उतारते हैं. पिता ने बताया कि उनका बेटा पूरे परिवार और समाज के लिए भगवान बन गया है. 

शहादत के बाद घर बना मंदिर, लोग टेकते हैं माथा
शहीद अमित कुमार के पिता ने कहा कि आज पुलवामा हमले को 2 साल पूरे हो गए, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई और ना ही इसके लिए किसी ने आवाज उठाई. इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. बता दें कि शामली के अमित कोरी 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे. वे सीआरपीएफ की 92 बटालियन में तैनात थे. 15 फरवरी की सुबह बटालियन के अफसर का फोन द्वारा उनके परिवार को उनके शहीद होने की सूचना मिली. 

सेना सरहद पर होती है तभी हम चैन से सो पाते हैं- शहीद के पिता

इस कायराना हमले में अपने देश के कई जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे. शामली के रहने वाले अमित कुमार के अलावा यूपी के देवरिया जनपद के छपिया जयदेव गांव के रहने वाले शहीद विजय मौर्य भी थे. शहीद के पिता रामायण सिंह का कहना है कि बेटे के न होने का दुख जरूर है पर हमें उसके शहीद होने पर गर्व है.

शहीद के पिता ने कहा कि जो लोग सेना पर सवाल खड़ा करते हैं वो गलत हैं. सेना है तभी हम चैन से सो पाते हैं. चीन के बारे में उन्होंने कहा कि चीन पर और सख्ती की जानी चाहिए. मेरा एक बेटा शहीद हो गया पर देश के लिए मेरे और भी बेटे शहीद होने को तैयार हैं. शहीद विजय मौर्य की पत्नी का कहना है कि पति की शहादत पर गर्व है.

कुलदीप चौहान/त्रिपुरेश पति त्रिपाठी

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