27 साल पुराने मामले में फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर का कोर्ट में समर्पण

पेशी पर बार बार गैरहाजिर रहने वालों के खिलाफ कोर्ट अब सख्त रवैया अपना रहे हैं, आजम खान के बाद फतेहपुर सीकरी से BJP सांसद राजकुमार चाहर को एक गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद समर्पण करना पड़ा है.  

27 साल पुराने मामले में फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर का कोर्ट में समर्पण

आगरा: फतेहपुर सीकरी से BJP सांसद राजकुमार चाहर ने गुरुवार को MP/MLA कोर्ट में समर्पण कर दिया. चाहर और चार अन्य आरोपियों ने 27 साल पुराने एक मामले में MP/MLA कोर्ट के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया. उन्होंने जिस मामले में समर्पण किया वो मामला जनवरी 1993 को आगरा जीआरपी कैंट थाने में हुआ था. 

चाहर और कुछ BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ ये मामला तत्कालीन केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के सचिव ने दर्ज कराया था. चाहर पर आरोप था कि सिंधिया जिस ट्रेन पर बैठ कर जा रहे थे उस ट्रेन पर चाहर समेत कुछ BJP कार्यकर्ताओं ने पथराव किया. इस मामले में चाहर के खिलाफ पहले से ही वारंट था जिसके आधार पर उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. इससे पहले पेशी पर गैरहाजिर रहने पर सांसद राजकुमार चाहर समेत चार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. विशेष न्यायाधीश (MP/MLA कोर्ट) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को चिट्ठी भेज कर सांसद को कोर्ट के सामने हाजिर करने का आदेश दिया था.

मामला जनवरी 1993 का है. उस समय BJP नेताओं ने कांग्रेस नेताओं का विरोध करने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया था. उनका आरोप था कि कांग्रेस के नेताओं ने BJP के कुछ बड़े नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है. शताब्दी एक्सप्रेस में माधव राव सिंधिया सफर कर रहे थे. आरोप है कि इस बीच कुछ लोगों ने वहां तोड़फोड़ करना और उत्पात मचाना शुरू कर दिया. बाद में इस मामले में फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, हदय नारायण दीक्षित, मुकेश गुप्ता और त्रिलोकी नाथ अग्रवाल आदि के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था.